अब ‘पत्थर प्रूफ’ होंगी ट्रेन की खिड़कियां, बढ़ाई जाएगी यात्रियों की सुरक्षा

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ट्रेन पर पत्थरबाजी की घटनाएं आए दिन देश में देखने को मिलती हैं, इन्हीं घटनाओं पर लगाम लगाने और पत्थरबाजी के असर को कम करने के लिए पत्थर प्रूफ प्लान तैयार किया है.

  • कुछ शरारती तत्व चलती ट्रेन पर पत्थर मारने लगते हैं. इसके चलते ट्रेन की खिड़कियों के शीशे तो टूटते ही हैंं, यात्रियों को चोट भी लगती है.
  • टूटा हुआ शीशा बिखरने से यात्रियों की आंख में चोट के मामले भी सामने आ चुके हैं.
  • कई बार पत्थरबाजी यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो जाती थी.
  • हाल ही में शुरू हुई नई ट्रेन वंदेभारत पर भी दो-तीन बार पत्थरबाजी की गई थी.
  • ट्रेन के इंजन पर भी पत्थरबाजी की घटनाएं होती रही हैं. इससे ट्रेन चला रहे ड्राइवर की जान का जोखिम बना रहता है.
  • इसी को देखते हुए भारतीय रेलवे यात्रियों को पत्थरबाजी से बचाने के लिए नई तकनीक अपनाने जा रहा है.
  • सूत्रों के मुताबिक ट्रेन की खिड़कियों में लगे शीशों को बदलने का निर्णय लिया गया है.
  • पुराने शीशों की जगह नए विनायल कोट वाले शीशे लगाए जाएंगे.
  • अभी होता ये है कि पत्थर लगते ही शीशा बिखर जाता है. पत्थर भी बोगी के अंदर आकर यात्रियों को लगता है.
  • विनायल कोट वाला शीशा पत्थर लगने से टूटकर बिखरेगा नहीं.
  • पत्थर लगने के बाद शीशा सिर्फ चटकेगा. विनायल कोट एक फिल्म की तरह है.
  • जब शीशा टूटेगा नहीं तो पत्थर भी अंदर नहीं आएगा.
  • विनायल कोट वाले शीशे के चलते यात्रियों को बाहर देखने में भी कोई परेशानी नहीं होगी.

अभी चेन्नई में इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में बनने वाले कोच में विनायल कोट वाले शीशे लगाए जा रहे हैं. जल्द ही कपूरथला सहित दूसरी कोच फैक्ट्रियों  में विनायल कोट वाले शीशे लगना शुरू हो जाएंगे. पुरानी ट्रेनों की बात करें तो सबसे पहले पूर्वात्तर रेलवे की खास ट्रेनों में विनायल कोट वाले शीशे लगाए जाएंगे. इसके बाद दूसरी ट्रेनों के शीशे बदले जाएंगे.