अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को नोटिस जारी किया

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चौकीदार चोर वाले बयान पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मुश्किलें  कम होती नहीं दिख रही, पहले सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें नोटिस भेजा था जिसके बाद उन्हें बयान को लेकर खेद जताया था. लेकिन आज (23 अप्रैल) को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई और कहा गया कि मामले में राहुल ने अपने बयान पर सिर्फ खेद जताया है.

  • जिसके बाद कोर्ट ने राहुल गांधी को अवमानना नोटिस जारी कर दिया.
  • राफेल डील में गड़बड़ी के आरोप वाली पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट में स्वीकार होने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि कोर्ट ने भी मान लिया है कि चौकीदार चोर है.
  • राहुल ने ये बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए दिया था.
  • वो अपने भाषणों में पीएम मोदी को चौकीदार बताते हुए उन पर चोरी का इल्जाम लगाते रहे हैं.
  • लेकिन कोर्ट ने भी मान लिया कि चौकीदार चोर है वाले बयान पर आपत्ति के बाद राहुल को नोटिस भेजा गया था.
  • जिस पर राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल करते हुए बताया कि उन्हें अपने बयान पर अफसोस है.

आज कोर्ट में क्या हुआ

  • हालांकि, राहुल के इस जवाब से बीजेपी नाखुश दिखी. बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने इस संबंध में कोर्ट में अपील की जिस पर मंगलवार को सुनवाई हुई.
  • लेखी की तरफ पेश वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि राहुल ने माफी नहीं मांगी है, अफसोस जताया है. इस पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि अभी तक उन्होंने राहुल गांधी का जवाब नहीं पढ़ा है.
  • इसके बाद CJI ने मीनाक्षी लेखी के वकील को कहा कि आप पढ़ के बताइए.
  • इस पर मुकुल रोहतगी ने कोर्ट को बताया कि राहुल गांधी ने अपनी टिप्पणी पर खेद जताया है.
  • राहुल गांधी ने माना है कि उन्होंने गलती की है, लेकिन राहुल गांधी ने अपने बयान पर केवल खेद जताया है ‘माफी नही मांगी है’.
  • इस दौरान CJI ने मुकुल रोहतगी से ये भी पूछा कि चौकीदार कौन है? इस पर मुकुल रोहतगी ने बताया, ”राहुल गांधी ने पूरे देश को कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ‘चौकीदार’ चोर हैं”.
  • वहीं, दूसरी तरफ राहुल गांधी के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में कहा कि राहुल गांधी ने खेद जताया है, लेकिन जानबूझकर कर ये मामला उठाया जा रहा है क्योंकि अभी लोकसभा के चुनाव हो रहे हैं.

बहरहाल, सुनवाई के बाद कोर्ट ने राहुल गांधी को अवमानना नोटिस जारी कर दिया है. साथ ही अवमानना केस की सुनवाई के लिए मंगलवार (30 अप्रैल) का दिन तय किया. इसी दिन राफेल विवाद पर दायर पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई होगी.