करीब दो लाख जनधन खाताधारकों को नहीं मिलेगा दुर्घटना बीमा

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हिमाचल प्रदेश के करीब 1.91 लाख जन-धन खाताधारकों को दुर्घटना बीमा का लाभ नहीं मिलेगा। इन लोगों के पास रूपे कार्ड ही नहीं है. इसके कारण ये लोग इस योजना के तहत मिलने वाले इस लाभ से वंचित हो गए हैं। इनमें से कई खाताधारक बैंकों को अब मिल भी नहीं रहे हैं क्योंकि इनमें प्रवासी मजदूरों की संख्या ज्यादा है जो खाता खोलकर कहीं चले गए हैं। सूत्रों की मानें तो बैंकों ने इन लोगों के पते पर रूपे कार्ड भी भेजे लेकिन वे वहां पर न होने के कारण ये कार्ड बैंकों में वापस आ गए। इसके अलावा कुछ ऐसे लोग भी हैं जो खाता खोलने के बाद मुड़कर बैंकों में नहीं आए। इसके कारण भी इन खाताधारकों को रूपे कार्ड जारी नहीं हुआ है

  • प्रदेश में जन-धन योजना के तहत 10,15,120 खाते हैं
  • इनमें से 8,23,743 खातों के ही रूपे कार्ड जारी हुए हैं
  • शेष 1,91,377 खाताधारकों के पास रूपे कार्ड नहीं है
  • इस योजना की विशेषता यह है कि रूपे कार्ड का इस्तेमाल करने पर ही बीमा का लाभ मिलेगा
  • यहां पर विदित रहे कि मोदी सरकार ने वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री जन-धन योजना शुरू की थी
  • इस योजना में जीरो बैलेंस पर खाते खोले गए थे
  • इसके बावजूद प्रदेश में जन-धन खातों में 468.18 करोड़ रुपए जमा हैं
  • प्रदेश में सबसे अधिक जन-धन खाते ग्रामीण क्षेत्रों में खुले हैं
  • ग्रामीण क्षेत्रों में 8.77 लाख तथा शहरी क्षेत्रों में 1.34 लाख जन-धन खाते हैं.योजना में ऐसा नहीं है कि रूपे कार्ड मिलने के बाद इस योजना का लाभ मिल जाएगा। 90 दिनों में रूपे कार्ड से एक ट्रांजैक्शन करना अनिवार्य है। यदि ऐसा नहीं होगा तो उन्हें भी इस योजना के तहत मिलने वाले दुर्घटना बीमा का लाभ नहीं मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत 1 लाख रुपए के दुर्घटना बीमा के लाभ से 1.91 लाख लोगों के वंचित होने से कई सवाल खड़े हो गए हैं।  इस योजना के तहत अधिकांश उन लोगों ने खाते खोले हैं जिनके पहले बैंकों में खाते नहीं थे या यूं कहें कि बेहद गरीब लोगों ने इस योजना के तहत बैंकों में अपना खाता खोला था। हो सकता है कि इन लोगों को रूपे कार्ड के महत्व के बारे में जानकारी भी न हो जिसके कारण उन्होंने इसके लिए बैंक से संपर्क ही नहीं किया।