कोहली ने बुमराह को बताया सबसे घातक गेंदबाज, बोले- अब दुनिया के बल्लेबाजों को इससे डरने की जरूरत

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मेलबर्न टेस्ट में टीम इंडिया ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. इस मैच में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 137 रन से हराकर चार मैचों की सीरीज में 2-1 की अजेय बढ़त बना ली है. मेलबर्न टेस्ट में भारतीय गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने 86 रन देकर कुल 9 विकेट चटकाए और उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया. डेब्यू टेस्ट सत्र में बुमराह के नाम पर अब 48 विकेट दर्ज हैं, जो किसी तेज गेंदबाज का अपने पहले टेस्ट सत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है.

कप्तान विराट कोहली ने मेलबर्न टेस्ट में टीम इंडिया का जीत का श्रेय जसप्रीत बुमराह को दिया है. इस तेज गेंदबाज की तारीफ करते हुए विराट कोहली ने कहा कि मेरे अनुसार जसप्रीत दुनिया का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज है. वह मैच विजेता है, इसमें कोई संदेह नहीं, फिर भले ही वह सिर्फ 12 महीने से (टेस्ट क्रिकेट) खेल रहा है. इसके साथ ही भारतीय कप्तान ने कहा कि अगर पर्थ जैसी पिच हो तो मैं कभी जसप्रीत बुमराह को फेस नहीं करना चाहूंगा. कोहली ने कहा कि दुनियाभर के बल्लेबाजों को अब जसप्रीत बुमराह से डरने की जरूरत है. वह एक घातक गेंदबाज है.

कोहली ने कहा, ‘मेरे कहने का मतलब है कि अगर पर्थ जैसी पिच है तो ईमानदारी से कहूं तो मैं जसप्रीत बुमराह का सामना नहीं करना चाहता, क्योंकि अगर वह लय में आ गया तो आपको ध्वस्त कर सकता है. वह जिस तरह गेंदबाजी करता है वह किसी भी अन्य गेंदबाज से काफी अलग है और मुझे लगता है कि वह बल्लेबाज से अधिक इसे महसूस करता है. यही कारण है कि वह अपने कौशल को लेकर इतना आश्वस्त है.’

भारतीय कप्तान का मानना है कि बुमराह परिस्थितियों से खीजने की जगह प्रदर्शन करने की मानसिकता के साथ उतरता है जो उन्हें मैच विजेता बनाता है. कोहली ने कहा, ‘उसकी मानसिकता उसे फिलहाल दुनिया के अन्य गेंदबाजों से अलग बनाती है. वह पिच को देखता है और यह नहीं सोचता कि इन विकेटों पर काफी मशक्कत करनी होगी. वह सोचता है कि मैं कैसे टीम के लिए विकेट हासिल करूं और आपकी मानसिकता आपको बाकियों से अलग करती है.’

विराट कोहली ने खुलासा किया कि गेंदबाजी को लेकर रणनीति मुख्य रूप से गेंदबाज खुद बनाते हैं और कप्तान के रूप में वो तभी अपनी बात रखते हैं जब ‘प्लान बी’ की जरूरत हो. कोहली ने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो गेंदबाजों की बैठक में मैं आमतौर पर सिर्फ बैठकर सुनता हूं. यह समझना बेहद महत्वपूर्ण है कि गेंदबाज क्या सोच रहे हैं और इस प्रक्रिया के दौरान आप ‘बी’ योजना पर काम करते हो और आप गेंदबाजों को इस बारे में बताते हो. हम ऐसे ही काम करते हैं.’

कोहली ने कहा, ‘यहां तक कि मैच के बारे में बुमराह का साक्षात्कार भी इस बारे में था कि मैं कैसे टीम में योगदान दे सकता हूं. पर्थ में उसे विकेट नहीं मिले और उसने यहां जिस तरह गेंदबाजी की वह दिखाता है कि वह मायूस नहीं होता और उसे पता है कि कभी ना कभी विकेट मिलेंगे.’