चंद्रयान-2 का पहला चरण पूरा, सितंबर में होगी चांद पर लैंडिंग

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चंद्रयान-2 का पहला चरण बुधवार को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कहा कि पृथ्वी की कक्षा में चंद्रयान-2 का पहला ‘कक्षीय उत्थापन’ पूरा हो गया है. ‘कक्षीय उत्थापन’ किसी यान को कक्षा में ऊपर उठाने के काम को कहा जाता है.

  • अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि नई कक्षा अब 230 X 45163 किलोमीटर की होगी.
  • इसरो ने कहा कि दूसरे ‘कक्षीय उत्थापन’ अभियान को शुक्रवार रात लगभग एक बजे अंजाम दिया जाएगा.
  • भारत ने सोमवार को देश के दूसरे चंद्र मिशन ‘चंद्रयान-2’ का श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सफल प्रक्षेपण किया था.
  • प्रक्षेपण के 16 मिनट बाद ‘बाहुबली’ कहे जाने वाले रॉकेट GSLV मार्क ।।। M 1 ने यान को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित कर दिया था.

अभी भी बाक़ी हैं कई चरण

  • यान को चांद के नजदीक ले जाने के लिए अगले कई सप्ताहों में कई सिलसिलेवार ‘कक्षीय उत्थापन’ अभियानों को अंजाम दिया जाएगा
  • सात सितंबर को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में रोवर की ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ कराई जाएगी
  • जहां अब तक कोई देश नहीं पहुंचा है.
  • अगर सब कुछ सही रहता है तो रूस, अमेरिका और चीन के बाद भारत चंद्रमा पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने वाला चौथा देश बन जाएगा.
  • इसरो ने कहा कि 14 अगस्त 2019 को यान को चंद्रमा की ओर जाने वाले प्रक्षेपण पथ पर डाले जाने के साथ खत्म होगा.
  • इसके बाद चंद्रयान-2 आगे बढ़ते हुए चांद पर पहुंचेगा.

    इसरो करेगा सीधा प्रसारण 
    चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर चांद की कक्षा में चक्कर लगाएगा, जबकि ‘विक्रम’ लैंडर चांद की सतह पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करेगा. इसके बाद लैंडर के अंदर से रोवर ‘प्रज्ञान’ बाहर निकलेगा और अपना सतही अन्वेषण कार्य शुरू करेगा. भारत के दूसरे चंद्र मिशन ‘चंद्रयान-2’ के चांद पर उतरने की ऐतिहासिक घटना का नेशनल जियोग्राफिक नेटवर्क इसरो परिसर से सीधा प्रसारण करेगा. चंद्रयान के लैंडर ‘विक्रम’ के सात सितंबर को चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में उतरने की उम्मीद है. लैंडर के उतरने के बाद इसके अंदर से ‘प्रज्ञान’ नाम का रोवर बाहर निकलेगा जो कृत्रिम बुद्धिमता से संचालित छह पहिया वाहन है.