जेट एयरवेज के भविष्य पर जल्द फैसला, पायलटों का विमान ना उड़ाने का फैसला वापस

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जेट एयरवेज के भविष्य पर आज यानी सोमवार को अहम बैठक होनी है. एयरलाइंस का प्रबंधन यह उम्मीद कर रहा है कि सोमवार को होने वाली बैठक में तत्काल फंड जारी करने के लिए कर्जदाता राजी हो जाएंगे.

  • हालांकि, अभी तक बैंकों ने 1,500 करोड़ रुपये के रिलीफ फंड में से महज 200 करोड़ रुपये जारी किए हैं.
  • दूसरी तरफ, सोमवार की बैठक को देखते हुए ही जेट एयरवेज के पायलट्स यूनियन ने ‘वेतन नहीं तो काम नहीं’ का अपना फैसला टाल दिया है.
  • सोमवार की बैठक में ही एसबीआई औपचारिक रूप से यह भी घोषणा कर सकता है कि किन कंपनियों ने एयरलाइंस में हिस्सेदारी के लिए रुचि दिखाई है.
  • जो कंपनियां क्वालिफाई करेंगी उनको 30 अप्रैल तक ऑफर जमा करना होगा.
  • अंतिम डील होने में कई महीने लग सकते हैं.
  • गौरतलब है कि जेट एयरवेज पर करीब 8,000 करोड़ रुपये का कर्ज है और कंपनी पिछले साल से ही गंभीर आर्थ‍िक संकट से गुजर रही है.
  • सूत्रों के मुताबिक पायलट सोमवार की बैठक के परिणाम का इंतजार करेंगे.
  • उम्मीद है कि विमानन कंपनी का प्रबंधन बैंकों के समक्ष धन डालने की एक नई योजना पेश करेगा.
  • एनएजी ने एक बयान में कहा है, ‘हमारी जानकारी में यह बात आई है कि सोमवार को सुबह विमानन कंपनी प्रबंधन और एसबीआई के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है.
  • बयान में कहा गया है, ‘बैठक को देखते हुए सदस्यों ने अपने टीम लीडर्स के जरिए अनुरोध किया है कि ‘वेतन नहीं तो काम नहीं’ का निर्णय टाल दिया जाए और विमानन कंपनी को एक और जीवनदान दिया जाए.
  • लिहाजा फैसला फिलहाल टाल दिया गया है.

कंपनी ने रविवार को कहा कि उसने पश्चिम यानी एम्सटर्डम, लंदन और पेरिस के लिए अपनी उड़ानों को 16 अप्रैल तक के लिए रद्द कर दिए हैं. हालांकि पायलटों की हड़ताल से एयरलाइंस पर कोई ज्यादा असर नहीं पड़ने वाला, क्योंकि वह पहले से काफी कामकाज बंद कर चुकी है. कभी 124 विमानों से संचालित होने वाली एयरलाइंस आज महज 7 विमान उड़ा रही है.