राज्यसभा में पेश होगा संशोधित ट्रिपल तलाक बिल

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केंद्रीय कैबिनेट ने ट्रिपल तलाक बिल में संशोधन को मंजूरी दी थी, जिसके बाद आज मॉनसून सत्र के आखिरी दिन राज्यसभा में बिल को पेश किया जाएगा, संशोधन के बाद माना जा रहा है कि बिल राज्यसभा में पास हो सकता है, संशोधन से पहले कांग्रेस में बिल में कई खामियां बताते हुए इसका विरोध किया था

  • गुरुवार को ही राज्यसभा में उपसभापति का चुनाव हुए हैं, इस चुनाव में NDA के हरिवंश सिंह ने बड़ी जीत हासिल की है.
  • और अब ऐसा माना जा रहा है कि राज्यसभा में भी NDA काफी मजबूत स्थिति में हैं
  • ऐसे में केंद्र सरकार चाहेगी कि सत्र का अंत होते हुए वह तीन तलाक जैसे महत्वपूर्ण बिल को पास करवा पाए.
  • नए बिल में ट्रिपल तलाक को गैर जमानती अपराध माना गया है
  • लेकिन संशोधन के हिसाब से अब मजिस्ट्रेट को जमानत देने का अधिकार होगा.
  • साथ ही पीड़ित के रिश्तेदार जिससे उसका खून का रिश्ता हो वो भी शिकायत दर्ज कर सकता है.

संशोधित बिल में क्या है खास

  • ट्रायल से पहले पीड़िता का पक्ष सुनकर मजिस्ट्रेट आरोपी को जमानत दे सकता है
  • पीड़ित, परिजन और खून के रिश्तेदार ही FIR दर्ज करा सकते हैं.
  • मजिस्ट्रेट को पति-पत्नी के बीच समझौता कराकर शादी बरकरार रखने का अधिकार होगा.
  • इस काननू के तहत पीड़ित महिला मजिस्ट्रेट से नाबालिग बच्चों के संरक्षण का भी अनुरोध कर सकती है
  • मजिस्ट्रेट इस मुद्दे पर अंतिम फैसला करेंगे.
  • मसौदा कानून के तहत, किसी भी तरह का तीन तलाक (बोलकर, लिखकर या ईमेल, SMS और व्हाट्सएप जैसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से देगा गैरकानूनी होगा.
  • मसौदा कानून के अनुसार, एक बार में तीन तलाक गैरकानूनी और शून्य होगा और ऐसा करने वाले पति को तीन साल के कारावास की सजा हो सकती है.
  • यह गैर-जमानती और संज्ञेय माना जाएगा.
गौरतलब है कि संसद का मॉनसून सत्र 18 जुलाई से शुरू हुआ था, इस सत्र में ही सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था. अविश्वास प्रस्ताव में भी मोदी सरकार को बड़ी जीत मिली थी.