नेशनल पेंशन स्कीम में निवेश से होगा अच्छा लाभ, सरकार ने किया बदलाव

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अगर आप थोड़ा थोड़ा इनवेस्ट करके बुढ़ापे में अच्छी कमाई करना चाहते हैं तो NPS आपके लिए बेहतक विकल्प है, केंद्र सरकार ने NPS को और आसान बनाते हुए इसमें कई बदलाव किए है. जिससे इंवेस्टर्स को फायदा मिलेगा.

  • भविष्‍य को सुरक्षित करने के लिए नेशनल पेंशन स्‍कीम (NPS) एक बेहतर विकल्प है.
  • इस स्‍कीम के खाताधारकों को मोदी सरकार ने एक बड़ा तोहफा दिया है.

क्‍या है NPS

  • 2004 में शुरू हुई  नेशनल पेंशन स्‍कीम (NPS) एक रिटायरमेंट सेविंग्स अकाउंट है.
  • पहले यह स्कीम सिर्फ सरकारी कर्मचारियों के लिए शुरू की गई थी.
  • लेकिन 2009 के बाद इसे निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए भी खोल दिया गया.
  • यानि इस स्‍कीम का फायदा सरकारी के साथ-साथ प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाला कोई भी कर्मचारी उठा सकता है.
  • NPS अकाउंट खुलवाने के लिए न्‍यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम उम्र 65 साल है.

अब जानिए क्‍या हुआ बदलाव 
दरअसल, NPS खाताधारक अब अकाउंट खोलने के तीन साल बाद भी इस अकाउंट से पैसे निकाल सकेंगे. अभी तक ये होता था कि NPS अकाउंट होल्‍डर रिटायरमेंट के बाद पूरा या फिर डिपॉजिट शुरू होने के मिनिमम 10 साल बाद ही आंशिक तौर पर पैसा निकाल सकते थे. आसान भाषा में समझें तो अगर आपका NPS अकाउंट है तो खाता खोलने के सिर्फ 3 साल के बाद आप अपना पैसा निकाल सकते हैं.  इस संदर्भ में वित्‍त मंत्रालय की ओर से हाल ही में जानकारी दी गई है.

3 बार कर निकाल सकते हैं पैसा
वित्त मंत्रालय के मुताबिक, Tier I NPS सब्सक्राइबर्स को तीन टुकड़ों में आशिंक रूप से NPS से पैसे निकालने की अनुमति होगी.  हालांकि सब्सक्राइबर्स के Tier-II अकाउंट से विदड्रॉल पर कोई प्रतिबंध नहीं है. बता दें कि NPS में Tier-I और Tier-II अकाउंट होते हैं .

Tier-I एक रिटायरमेंट अकाउंट होता है, जिसे हर सरकारी कर्मचारी के लिए खुलवाना अनिवार्य है. वहीं Tier-II एक वॉलेंटरी अकाउंट होता है, जिसमें कोई भी वेतनभोगी अपनी तरफ से इन्वेस्टमेंट शुरू कर सकता है और कभी भी पैसे निकाल सकता है.हालांकि कितनी रकम निकाल सकते हैं,इसकी जानकारी  नहीं दी गई है.

कैसे खुलेगा अकाउंट?

अगर आप NPS के तहत अकाउंट खुलवाना चाहते हैं तो सरकारी या निजी बैंकों से संपर्क करें. इसके लिए आपको बर्थ सर्टिफिकेट, 10वीं की डिग्री, एड्रेस प्रूफ और आई कार्ड की जरूरत होती है. रजिस्ट्रेशन फॉर्म बैंक से मिल जाता है. इसके अलावा कई बैंक की ओर से नेटबैंकिंग में भी एनपीएस अकाउंट खोलने की सुविधा दी जा रही है.