महागठबंधन पर बोले पीएम मोदी- यह चुनाव देश की जनता बनाम गठबंधन के बीच है

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लोकसभा चुनाव का साल 2019 शुरू हो चुका है. 2019 के चुनाव के लिए जहां विपक्ष केंद्र की बीजेपी सरकार के खिलाफ एकजुट हो रहा है, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस चुनाव को जनता बनाम महागठबंधन करार दिया है. न्यूज एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कहा कि भारत की जनता चुनाव की दशा निर्धारित करेगी, एजेंडा तय करेगी. यह चुनाव देश की जनता बनाम गठबंधन के बीच है. मोदी तो जनता के प्यार और विश्वास का प्रतीक है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोगों को गठबंधन में लाने के लिए विपक्षी नेता बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन सामान्य मानव सभी बातों को समझता है, मेरा देश के नागरिकों पर, देश के युवाओं पर भरोसा है. पीएम मोदी ने कहा कि 5 साल में महागठबंधन ने देश के सामाजिक, आर्थिक विषय पर एकमत में कुछ नहीं कहा, वे भिन्न-भिन्न स्वर में कहते हैं, ये खुद को बचाने के लिए मैदान में सहारा ढूंढ रहे हैं.

पीएम मोदी ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि हमारे साथी दल भी आगे बढ़ें, हम कभी नहीं चाहेंगे कि हमारे साथी दल न बढ़ें कांग्रेस यही चाहती है, हमारे साथ ऐसा नहीं है, हम सभी निर्णय मिलकर लेते हैं, राज्य और केन्द्र की राजनीति में फर्क जरूर होता है लेकिन हम हर स्तर पर यही मानते हैं.’

5 राज्यों में हार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘तेलंगाना और मिजोरम में बीजेपी की सत्ता आएगा ऐसा कोई नहीं कहता था. लेकिन छत्तीसगढ़ में साफ-साफ नतीजा आया और बीजेपी को हार मिली. मध्य प्रदेश और राजस्थान में लंबी एंटी इनकमबेंसी थी. लेकिन उसके बाद हरियाणा में स्थानीय चुनाव बीजेपी ने जीते. साथ ही जम्मू कश्मीर में बीजेपी और उससे जुड़े लोगों ने चुनाव जीते.’ पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा कि जीत और हार यही एक मानदंड नहीं होता है.

बीजेपी को क्या नरेंद्र मोदी और अमित शाह चला रहे हैं, इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा, ‘जो लोग कहते हैं कि बीजेपी मोदी और शाह के नाम पर चलती है वो लोग बीजेपी को नहीं जानते हैं, न समझते हैं. बीजेपी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है, हर स्तर पर अलग-अलग कार्यकर्ता लगे हुए हैं इसलिए पार्टी पर लोगों का भरोसा बड़ा है, पूरे आत्मविश्वास के साथ हमारी पार्टी आगे बढ़ रही है, मॉरल डाउन होने का सवाल नहीं है.’

मोदी लहर कायम है या नहीं इस पर पीएम मोदी ने कहा कि विपक्षी मोदी लहर को मानते हैं, यह खुद में बड़ी बात है. लेकिन उन्होंने कहा कि वह खुद यह मानते हैं कि लहल सिर्फ जनता की आशा और आकांक्षाओं की होती है.