मौनी अमावस पर 71 साल बाद बन रहा है अद्भुत महायोग, करें ये खास उपाय

0
340
views

सोमवती व मौनी अमावस्या पर महोदय योग बन रहा है। यह दुर्लभ योग 71 वर्ष बाद कुंभ के दौरान बन रहा है. मान्यता है कि इस योग में गंगा स्नान, दान पुण्य करने से राहु, केतु व शनि से संबंधित कष्टों से मुक्ति मिलेगी

  • चार फरवरी को सोमवती अमावस्या पर स्नान-दान होगा
  • अमावस्या के साथ-साथ सोमवती अमावस्या का अद्भुत संयोग भी है
  • साथ ही श्रवण नक्षत्र, व्यतिपाद योग और सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है
  • हालांकि सामान्य रूप से भी सर्वार्थ सिद्धि योग विशेष होता है, लेकिन कुंभ होने से इसका महत्व और भी बढ़ गया है.
  • माघ महीने की अमावस्या तिथि चार फरवरी को है
  • उस दिन सोमवार भी है, इस दिन श्रवण नक्षत्र, व्यातिपात योग, सर्वार्थ सिद्धि योग व सोमवार होने से महोदय योग बन रहा है
  • माघ महीने में पवित्र नदियों में स्नान करना शुभ माना जाता है, इस बार 71 वर्ष के बाद महोदय योग रहा है, ग्रहों का अद्भुत संयोग अमावस्या को और भी अधिक खास बना रहा है
  • ज्योतिषीय गणना के अनुसार कुंभ के दौरान महोदय योग इससे पहले नौ फरवरी 1948 के कुंभ में बना था
  • इतना ही नहीं अमृत का ग्रह चंद्रमा अपने ही नक्षत्र में होगा, देव गुरु और दैत्य गुरु के बीच सुंदर संबंध बने रहेंगे
  • राहु और वृहस्पति एक साथ होंगे और शनि व सूर्य के संबंध की वजह से मौनी अमावस्या पर्व लाभकारी सिद्ध होगा.
  • अमावस्या तिथि तीन फरवरी की रात 11 बजकर 50 मिनट से ही शुरू हो जाएगी, जो कि पांच फरवरी को रात 2 बजकर 30 मिनट तक रहेगी
  • सूर्योदय काल चार फरवरी को होगा, इसलिए स्नान दान करना चार फरवरी को ही शुभ होगा
  • मौनी अमावस्या के दिन पितृ तर्पण और पितृ श्राद्ध भी अक्षय फल देते हैं.
  • चंद्रमा का नक्षत्र श्रवण है और चंद्रमा का दिन सोमवार है.
  • इस बार का संयोग यह है कि मौनी अमावस्या के दिन भगवान भास्कर भी चंद्रमा के नक्षत्र में प्रवेश कर सिद्धि योग बनाएंगे.

मौनी अमावस्या के दिन चींटियों को शक्कर मिला हुआ आटा खिलाएं. इससे आपकी मनोकामना पूरी होगी, इस दिन सुबह स्नान आदि करने के बाद आटे की गोलियां बनाएं. इसके बाद किसी तालाब या नदी में जाकर ये आटे की गोलियां मछलियों को खिला दें. इस उपाय से आपके जीवन की अनेक परेशानियों का अंत हो सकता है. शाम के समय घर के ईशान कोण में गाय के घी का दीपक लगाएं. बत्ती में रूई के स्थान पर लाल रंग के धागे का उपयोग करें.