राफेल डील पर बीजेपी ने गिनाए राहुल गांधी के ये झूठ

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राफेल डील पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच घमासान जारी है. कांग्रेस पार्टी जहां विपक्षी नए तथ्यों के साथ लगातार मोदी सरकार पर हमलावर है, तो वहीं सत्ताधारी बीजेपी भी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के कथित झूठों को बेनकाब कर रही है. भारतीय जनता पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से राहुल गांधी के 9 कथित झूठ और उससे जुड़े तथ्य दिए हैं.

बीजेपी ने गिनाए राहुल गांधी के ये झूठ


झूठ नंबर- 1 : राहुल गांधी ने फ्रांसीसी मीडिया की कुछ रिपोर्ट में ट्विस्ट करने की कोशिश की, जिसमें कहा गया था कि रिलायंस को भारत के साथ डील करने के लिए एक ऑफसेट पार्टनर बनाना था.

तथ्य: सुप्रीम कोर्ट और दसॉल्ट दोनों के सीईओ ने कहा कि भारत सरकार का ऑफसेट पार्टनर चुनने से कोई लेना-देना नहीं है.


झूठ नंबर-2: राहुल गांधी ने भ्रामक प्रचार किया कि सुप्रीम कोर्ट ने डील में गंभीर अनियमितता पाई हैं. लिहाजा, उन्होंने विचाराधीन मामले में प्रोपेगेंडा फैलाने की कोशिश की.

तथ्य: सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस की शह पर अपील करने वालों की याचिकाएं खारिज किया और कहा कि सरकार ने कुछ गलत नहीं किया.


झूठ नंबर-3: राहुल गांधी ने दावा किया कि मोदी सरकार ने रक्षा मंत्रालय के एक बड़े अधिकारी को राफेल डील के विरोध में डिसेंट नोट प्रस्तुत करने के लिए सजा दी थी.

तथ्य: राहुल का यह झूठ उस समय बेनकाब हो गया जब अधिकारी ने खुद मीडिया से बातचीत में किसी भी तरह की सजा से इनकार किया.


झूठ नंबर-4: राहुल ने कहा कि फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ओलांद ने पीएम मोदी को चोर कहा और भारत सरकार ने रिलायंस को ऑफसेट पार्टनर के रूप में शामिल करने के लिए कहा.

तथ्य: ओलांद ने इन आरोपों को खारिज किया और फ्रांस सरकार ने भी आधिकारिक बयान जारी किया.


झूठ नंबर-5: राहुल ने संसद में भी झूठ बोला और कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने उनसे स्वयं कहा कि इसमें कोई गोपनीय धारा नहीं है.

तथ्य: फ्रांसीसी सरकार ने बयान जारी किया, जिसमें झूठे के दावे का खंडन किया गया और कहा गया कि समझौता पार्टियों को क्लासिफाइड जानकारी साझा करने की इजाजत नहीं देता.


झूठ नंबर-6: राहुल गांधी ने यूपीए के दौरान डील की कई कीमतें बताईं.

  • संसद में उन्होंने कहा 520 करोड़
  • कर्नाटक में कहा 526 करोड़
  • राजस्थान में कहा 540 करोड़
  • दिल्ली में कहा 700 करोड़

विश्लेषण: वह झूठ बोलने के लिए नोबेल के हकदार हैं.


झूठ नंबर-7: राहुल गांधी ने कहा कि सैन्य अधिग्रहण के नियमों और प्रक्रियाओं का पीएम मोदी की सरकार ने उल्लंघन किया.

तथ्य: माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा: हम इस बात से सहमत हैं कि इस प्रक्रिया पर वास्तव में संदेह करने का कोई अवसर नहीं है.


झूठ नंबर-8: राहुल ने कहा कि यूपीए ने 526/520/540 करोड़ रुपये की कीमत पर बातचीत की. जबकि एनडीए ने यह डील 1600 करोड़ रुपये में की.

विश्लेषण: राहुल सेब की तुलना संतरे से कर रहे हैं. एनडीए द्वारा बातचीत के जरिए तय की गई कीमत पूरे परिचालन पैकेज के साथ राफेल विमान की है.


झूठ नंबर-9: राहुल गांधी ने कहा कि 36 विमानों की खरीद का फैसला दोस्तों को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया था और इससे वायुसेना को नुकसान पहुंचा है.

तथ्य: माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि यह निर्णय सैन्य तैयारियों को ध्यान रखते हुए लिया गया और वायुसेना खुश है.