राम मंदिर : VHP ने कहा- कोर्ट के आदेश का नहीं कर सकते इंतजार, 31 को धर्मसंसद करेगी फैसला

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राम मंदिर के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के बाद सियासी संग्राम भी शुरू हो गया है. बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए वीएचपी के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि न्यायिक प्रकिया के पूरे होने से पहले कानून लाया जाना चाहिए, उन्होंने कहा कि हम इस सरकार से संसद में कानून लाने का आग्रह करते रहेंगे.

आलोक कुमार ने कहा कि राम मंदिर का मुद्दा बीते 69 सालों से फंसा हुआ है. सुप्रीम कोर्ट में अब तक जजों की बेंच भी नहीं बनी है जहां मामले की सुनवाई होनी है. उन्होंने कहा कि हिंदू अनंत काल तक मंदिर का इंतजार नहीं कर सकते.

वीएचपी के कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि राम मंदिर निर्माण में आगे उठाए जाने वाले कदम का फैसला 31 जनवरी को प्रयागराज में कुंभ के मौके पर आयोजित धर्मसंसद में लिया जाएगा. उसी में यह तय होगा कि इस मांग को पूरा कराने के लिए और कौन से कदम उठाए जाएंगे.

जब आलोक कुमार से पूछा गया कि पीएम मोदी ने भी कोर्ट के फैसले के हिसाब से मंदिर निर्माण की बात की है तो इस पर वीएचपी का क्या कहना है. इसके जवाब में आलोक कुमार ने कहा कि हम अपना प्रयास जारी रखेंगे ताकि पीएम मोदी समेत सत्ता में बैठे लोगों का मन बदल सके. उन्होंने कहा कि हम कोर्ट के फैसले का इंतजार नहीं कर सकते. साथ ही हम मंदिर निर्माण के लिए संसद में कानून लाया जाए इसके लिए हम सरकार से आग्रह करते रहेंगे.

उन्होंने कहा कि राम मंदिर मुद्दे पर हम 350 से ज्यादा सांसदों से मुलाकात कर चुके हैं. सभी ने समर्थन जताया है. उन्होंने कहा कि अमेठी और रायबरेली के लोगों ने राम मंदिर के मुद्दे पर वहां के सांसदों से मिलने का समय मांगा है, जब वो समय देंगे तब मुलाकात की जाएगी.

बता दें कि 1 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूज एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में राम मंदिर को लेकर बड़ा बयान दिया था. उन्होंने कहा कि राम मंदिर पर हमारी सरकार अध्यादेश नहीं लाएगी. कानूनी प्रक्रिया के बाद ही राम मंदिर पर फैसला किया जाएगा. पीएम मोदी ने कहा था कि राम मंदिर को लेकर जब तक कानूनी प्रक्रिया चल रही है तब तक अध्यादेश लाने का विचार नहीं है.