विरोधी चाहे जितनी गलियां दें, ये चौकीदार रुकने वाला नहीं है- PM मोदी

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‘मिशन 2019’ के मद्देनजर दिल्ली के रामलीला मैदान में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन का आज दूसरा दिन है. अधिवेशन में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. इस दौरान पीएम मोदी ने महागठबंधन और कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमला बोला. पीएम मोदी ने कहा कि हम मजबूत सरकार चाहते हैं, लेकिन वो (विपक्षी) मजबूर सरकार चाहते हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि जो राजनीतिक दल एक जमाने में कांग्रेस के तौर तरीकों को सही नहीं मानते थे वो आज एकजुट हो रहे हैं. जब कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता जमानत पे हैं, तब ये दल कांग्रेस के सामने सरेंडर कर रहे हैं. ये देश के मतदाताओं को धोखा देने का प्रयास है. उन्होंने कहा कि राजनीति विचारों पर की जाती है और गठबंधन विजन पर बनते हैं, लेकिन ये पहला अवसर हैं जब ये सब राजनीति दल सिर्फ एक व्यक्ति को हराने के लिए एकजुट हो रहे हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘हम मजबूत सरकार चाहते हैं ताकि किसानों को फसलों का उचित दाम मिलें, आयुष्मान भारत जैसी मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं देने वाली योजना चलाई जा सकें, देश की सेना की हर जरूरत को पूरा कर सकें, हम मजबूत सरकार चाहते हैं जिससे देश का किसान सशक्त बनें. लेकिन वो (विरोधी ) मजबूर सरकार चाहते हैं ताकि यूरिया घोटाला किया जा सके, स्वास्थ्य सेवाओं में घोटाला किया जा सके, एंबुलेंस घोटाला किया जा सके, रक्षा सौदों में दलाली खाई जा सके, किसानों की कर्जमाफी में भी घोटाला कर सकें.’

उन्होंने कहा कि क्या आप ऐसे सेवक को पसंद करेंगे जो आपके घर का पैसा चोरी करके अपने परिवार में बांटे ? क्या आप चाहते हैं कि वो पड़ोसियों को आपके घर के अंदर की बात बताए ? जैसे आप अपने घर का सेवक तय करते हैं वैसे ही तय कीजिए कि देश को कैसा प्रधानसेवक चाहिए.

पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस और उसका नामदार परिवार सिस्टम को कैसे तोड़ता है उसका ये उदाहरण है कि नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस अध्यक्ष और अन्य नेता जमानत पर बाहर हैं. इस केस से पता चलता है कि कांग्रेस के नेता जनता का जमीन और धन भी हड़प लेते हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि जमानत पर बाहर घुमने वाले इन नेताओं को न कानून पर विश्वास है, न सत्य पर भरोसा है और न ही इनको संस्थानों पर विश्वास है. इनको राजशाही पर भरोसा है, लेकिन हम लोकशाही को मनाने वाले लोग हैं. पीएम मोदी ने कहा कि आज उन्हें सीबीआई स्वीकार नहीं है, कल कोई दूसरी संस्था स्वीकार नहीं होगी. उन्होंने सवाल उठाए हुए कहा कि आर्मी, पुलिस, सुप्रीम कोर्ट, इलेक्शन कमीशन, सीएजी, सब गलत हैं, लेकिन एकमात्र वही (कांग्रेस) सही हैं.

राम मंदिर मुद्दे पर पीएम मोदी ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस अपने वकीलों के माध्यम से न्याय प्रक्रिया में बाधा पहुंचाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नहीं चाहती की अयोध्या विषय का हल आए. कांग्रेस का ये रवैया किसी को भूलना नहीं चाहिए.

सवर्ण आरक्षण बिल पर पीएम मोदी ने कहा कि सामान्य श्रेणी के गरीब युवाओं को शिक्षा और सरकारी सेवाओं में 10 फीसदी आरक्षण, नए भारत के आत्मविश्वाश को आगे बढ़ाने वाला है. उन्होंने कहा कि ये सिर्फ आरक्षण नहीं है बल्कि एक नया आयाम देने की कोशिश है. प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले से जिनको आरक्षण की सुविधा मिल रही थी उनके हक को छेड़े बिना, छीने बिना बीजेपी सरकार द्वारा सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया गया है.

बीजेपी के राष्ट्रीय अधिवेशन में उन्होंने कहा, ‘विरोधी दलों के लोग आरोप लगाते हैं हमने सिर्फ योजनाओं के नाम बदले हैं. ऐसे लोग ये बताएं कि कितनी योजनाएं नरेन्द्र मोदी के नाम से चल रही है ? क्या आयुष्मान भारत योजना के आगे नरेन्द्र मोदी लिखा है ? क्या भारत माला, सागर माला के आगे नरेन्द्र मोदी लिखा है ? क्या उज्ज्वला योजना मोदी के नाम से जानी जाती है ? ये इसलिए है क्योंकि बीजेपी में हमें यही सिखाया गया है कि स्वयं से बड़ा दल और दल से बड़ा देश होता है.’

पीएम मोदी ने कहा, ‘कांग्रेस के समय लोन लेने के दो तरीके थे. एक था कॉमन प्रोसेस और दूसरा कांग्रेस प्रोसेस. कॉमन प्रोसेस में आप बैंक से लोन मांगते थे और कांग्रेस प्रोसेस में बैंकों को कांग्रेस के घोटालेबाज मित्रों को लोन देने के लिए मजबूर किया जाता था. आजादी से लेकर 2008 तक 60 सालों में बैंकों ने मात्र 18 लाख करोड़ रुपये का लोन दिया था. लेकिन 2008 से 2014 तक ये आंकड़ा बढ़कर 52 लाख करोड़ हो गया यानि कांग्रेस के आखिरी 6 साल में 34 लाख करोड़ के लोन दिए गए. हमने कांग्रेस प्रोसेस वाली लोन व्यवस्था पर लगाम लगाई है. इसका परिणाम है कि जहां पहले बैंकों का पैसा जा रहा था, वहीं अब बैंकों का पैसा वापस आ रहा है.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, जब सरकार पर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा है. हम इस बात पर गर्व कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि हमसे पहले की सरकार का जो कार्यकाल था, उसने देश को बहुत अंधेरे में धकेल दिया था. अगर कहा जाए तो भारत ने 2004 से 2014 के महत्वपूर्ण 10 साल, घोटालों और भ्रष्टाचार के आरोपों में गंवा दिए, तो गलत नहीं होगा. 21वीं सदी की शुरुआत में ये 10 साल बहुत महत्वपूर्ण थे.

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के युवा को पता है कि उसकी आवाज की सुनी जा रही है. वह जानता है कि उसके देश की शान मजबूत हो रही है. वह जानता है कि देश की आर्थिक और सामरिक हैसियत मजबूत हो रही है. उन्होंने कहा कि बीजेपी के हर कार्यकर्ता को इस व्यवस्था के पीछे के भाव और इसके लाभ को समाज के भीतर व्यापक चर्चा करनी चाहिए. पीएम मोदी ने कहा कि कुछ लोग कोशिश कर रहे हैं कि इस बारे में भ्रम फैला कर असंतोष की आग लगाते रहें. हमें उनकी साजिशों को भी नाकाम करते चलना हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि जब हम किसानों की समस्या के समाधान की बात करते हैं तो पहले की सच्चाइयों को स्वीकार करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि पहले जिनके पास किसानों की समस्याओं का हल निकालने का जिम्मा था, उन्होंने शॉर्ट कट निकाले, किसानों को सिर्फ मतदाता बना रखा. लेकिन हम अन्नदाता को ऊर्जादाता भी बनाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने स्वामिनाथन आयोग की सिफारिशों को न सिर्फ लागू किया बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि किसानों को एमएसपी का डेढ़ गुना दाम मिले.

पीएम मोदी ने कहा कि यूपीए सरकार ने अपने आखिरी पांच साल में किसानों से 7 लाख मीट्रिक टन दलहन और तिलहन की खरीद की. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने बीते साढ़े चार साल में 95 लाख मीट्रिक टन उपज किसान से खरीदी और अब भी किसानों के लिए बहुत कुछ करना चाहते हैं.