शिमला : 117 साल पुराने ‘स्टीम इंजन’ ने विदेशी पर्यटकों की मांग पर फिर लगाई दौड़

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117 साल पुराने ‘स्टीम इंजन’ ने शिमला-कालका वर्ल्ड हेरिटेज ट्रैक पर एक बार फिर दौड़ लगाई. इस भाप इंजन को विदेशी पर्यटकों की मांग पर चलाया गया. विदेशी पर्यटकों ने भाप इंजन से शिमला से कैथली घाट 22 किलोमीटर तक के सफर में हसीन वादियों का खूब आनंद उठाया. देवदार के हरे भरे पेड़ों के बीच चले इस इंजन ने दो बोगियां खींची. भाप इंजन से निकलने वाली छुक-छुक की आवाज का पर्यटकों के लिए खास आकर्षण रहता है.

कालका-शिमला रेलवे के मुख्य निरीक्षक वाणिज्य अमर सिंह ठाकुर ने बताया कि इंग्लैंड के पर्यटकों ने इस स्टीम इंजन को 1.10 लाख में बुक करवाया है. पॉल ट्रेवल द्वारा इस स्टीम इंजन की बुकिंग करवाई गई थी. स्टीम इंजन के साथ 14-14 सीटों वाले दो कोच लगाकर इसे शिमला रेलवे स्टेशन से रवाना किया गया.

विदेशी पर्यटकों के ट्रेवलर एजेंट ने बताया कि वो हर साल विदेशी पर्यटकों के लिए स्टीम इंजन बुक करवाते हैं. इस बार भी उन्होंने इंग्लैंड के पर्यटकों के लिए जो ब्रिटिशों के बनाए हुए ट्रैक को करीब से देखना चाहते थे, उनके लिए इंजन की बुकिंग की. विदेशी पर्यटक इस सफर को बहुत पसंद कर रहे हैं.

बता दें कि शिमला-कालका रेलवे ट्रैक 100 साल से भी अधिक पुराना ट्रैक है. इस ट्रैक को साल 2008 में यूनेस्को ने तीसरी रेल लाइन के रूप में विश्व धरोहर में शामिल किया था. साल 1903 में बिछाई गई 96 किलोमीटर कालका-शिमला रेललाइन में 102 सुरंगें, 800 पुल और 18 रेलवे स्टेशन हैं. शिमला में पहली ट्रेन 9 नवंबर 1903 को पहुंची थी. ये स्टीम इंजन पहली बार 1905 में कालका-कैथलीघाट के बीच चलाया गया था.