समझौता एक्सप्रेस बम ब्लास्ट मामले में फैसला आज

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12 साल पहले पानीपत के पास समझौता एक्सप्रेस ट्रेन में हुए धमाके के मामले में पंचकूला की स्पेशल NIA कोर्ट आज फैसला सुनाएगी. इस घटना में 68 ट्रेन यात्री मारे गए थे और काफी संख्‍या में लोग घायल हो गए थे. मारे गए लोगों में अधिकतर पाकिस्‍तान के रहने वाले थे.

  • इस केस में बहस होने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.
  • मामले में आठ आरोपितों में से एक की हत्या हो गई थी और तीन आरोपितों को पीओ घोषित कर दिया था.
  • सोमवार को NIA कोर्ट समझौता ब्लास्ट मामले के चार आरोपितों स्वामी असीमानंद, लोकेश शर्मा, कमल चौहान और राजिंद्र चौधरी को लेकर बड़ा फैसला सुना सकती है
  • NIA के वकील आरके हांडा ने बताया कि समझौता एक्सप्रेस ब्लाल्ट मामले में NIA और बचाव पक्ष के बीच फाइनल बहस पूरी हो गई है
  • 26 जुलाई 2010 को मामला NIA को सौंपा गया था.
  • 26 जून 2011 को आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी.
  • वकील पीके हांडा ने बताया आरोपियों पर IPC की लगी हुई हैं, अगर इन धाराओं के तहत आरोपी दोषी करार दिए जाते हैं, तो कम से कम उम्रकैद की सजा हो सकती है.
  • NIA ने मामले में कुल 224 गवाहों को पेश किया, जबकि बचाव पक्ष ने कोई गवाह नहीं पेश किया.
  • केवल अपने दस्तावेज और कई जजमेंट्स की कॉपी ही कोर्ट में पेश की.
  • इस मामले में कोर्ट की ओर से पाकिस्तानी गवाहों को पेश होने के लिए कई बार मौका दिया गया, लेकिन वह एक बार भी कोर्ट में नहीं आए.
  • वकील हांडा ने बताया कि मामले में अब तक सिर्फ आरोपी असीमानंद को ही ज़मानत मिली है, बाकि तीनों आरोपित जेल में हैं।

भारत-पाकिस्तान के बीच सप्ताह में दो दिन चलने वाली समझौता एक्सप्रेस में 18 फरवरी 2007 में बम धमाका हुआ था। ट्रेन दिल्ली से लाहौर जा रही थी। विस्फोट हरियाणा के पानीपत जिले में चांदनी बाग थाने के अंतर्गत सिवाह गांव के दीवाना स्टेशन के नजदीक हुआ था। हादसे में 68 लोगों की मौत हो गई थी। ब्लास्ट में 12 लोग घायल हो गए थे। धमाके में जान गंवाने वालों में अधिकतर पाकिस्तानी नागरिक थे। मारे गए 68 लोगों में 16 बच्चों समेत चार रेलवे कर्मी भी शामिल थे. 19 फरवरी 2007 को दर्ज एफआइआर के मुताबिक समझौता एक्सप्रेस में 18 फरवरी 2007 को रात 11.53 बजे दिल्ली से करीब 80 किलोमीटर दूर पानीपत के दिवाना रेलवे स्टेशन के पास धमाका हुआ। इसकी वजह से ट्रेन के दो जनरल कोच में आग लग गई थी। यात्रियों को दो धमाकों की आवाज़ें सुनाई दी, जिसके बाद ट्रेन के डिब्बों में आग लग गई। बाद में पुलिस को घटनास्थल से दो सूटकेस बम मिले, जो फट नहीं पाए थे।