सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद PTA शिक्षकों को रेगुलर करेगी हिमाचल सरकार

0
120
views

प्रदेश के स्कूलों में सेवाएं दे रहे हज़ारों PTA शिक्षकों को पक्का करने के लिए सरकार को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का इंतजार करना पड़ेगा. सुरेश भारद्वाज ने कहा कि PTA शिक्षकों को रेगुलर करने के लिए सरकार तैयार है, लेकिन मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है इस कारण रेगुलर करने से पहले हमे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का इंतजार रहेगा.

  • माकपा विधायक राकेश सिंघा, कांग्रेस विधायक आशा कुमारी और विक्रमादित्य सिंह सदन में ये जवाल पूछा, जिसके जवाब में शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने सदन को ये जानकारी दी.
  • उन्होंने कहा कि PTA शिक्षकों का मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं.
  • जिसमें तीन केस लंबित हैं, शिक्षा मंत्री ने कहा कि जब तक सुप्रीम कोर्ट से आदेश नहीं आता तब तक शिक्षकों को रेगुलर करने का कोई प्रावधान नहीं हैं.
  • उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षकों की नियुक्ति वर्ष 2006 में हुई थी
  • उस समय ना तो ऐसा कोई प्रावधान रखा था कि उनके लिए अनुबंध या रेगुलर करने की नीति हो
  • बिना सोचे समझे पूर्व में ऐसी नियुक्तियां की गई, बावजूद इसके अभी तक प्रदेश के पांच हजार PTA शिक्षकों अनुबंध आधार पर आए हैं, जबकि 1300 के करीब अभी लेफ्ट आउट हैं जो ग्रांट इन एड पर चल रहे हैं
  • शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह चिंता का विषय है. इसे देखते हुए प्रदेश की जयराम सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए उन्हें रेगुलर शिक्षकों के बराबर वेतन देने की घोषणा की है.
  • इसके अलावा जहां तक प्राथमिक सहायक शिक्षकों का सवाल है इनके लिए 1986 में नीति बनी थी, अभी फिलहाल रेगुलर करने का कोई प्रावधान नहीं हैं.
  • शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि वर्तमान में 3400 PTA शिक्षक हैं जो ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं.

123 स्कूलों में नहीं है प्रधानाचार्य

प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में 123 प्रधानाचार्यों के पद खाली चल रहे हैं. इन पदों को भरने के लिए प्रदेश सरकार जल्द ही प्रक्रिया शुरू करेगी. शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि इन पदों को पदोन्नति आधार पर भरे जाएंगे. इसके लिए प्रोसेस थोडो लंबा रहेगा. ACR, विजिलेंस क्लीयरेंस सहित सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही 123 प्रधानाचार्यों के खाली पदों को भर दिए जाएंगे. शिमला जिला में 40, सिरमौर में 29, बिलासपुर 19,मंडी 10, लाहौल-स्पीति आठ, कुल्लू नौ, किन्नौर जिला में सात पद प्रधानाचार्यों के खाली हैं.