लश्कर के 8 आतंकियों को उम्र कैद, देश में दंगे भड़काने की रच रहे थे साजिश

आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के आठ आतंकियों को जयपुर की एक कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.  आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारी के मामले में आतंकियों को सजा सुनाई गई .  इस मामले में  30 नवंबर को इन्हें दोषी ठहराया गया था.  इसके बाद सोमवार को दोनों पक्षों की बहस के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था ADJ  पवन गर्ग ने 111 पेज का फैसला सुनाते हुए सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई.  इन्हें दो से तीन लाख रुपए तक अलग-अलग अर्थदंड की सजा भी सुनाई गई.

इन लोगों पर राजस्थान सहित देश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने का आरोप था.  विहिप के नेता प्रवीण तोगडिय़ा और दिवंगत बाला साहेब ठाकरे इनके निशाने पर थे.  इन आतंकियों ने इन नेताओं की मूवी भी बनाई थी और ये कोड वर्ड में बात करते थे.  ये लोग देश में बड़े पैमाने पर दंगे भड़काना चाहते थे. फैसला सुनाए जाने के बाद बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि वे इस फैसले को चुनौती देंगे.

क्या है मामला

ATS ने सात साल पहले गहन पड़ताल के बाद इस साजिश को बेनकाब किया था.  अतिरिक्त जिला न्यायाधीश पवन कुमार ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आठ आतंकियों को दोषी ठहराया.  जज ने लश्कर के चीफ कमांडर विक्की उर्फ वलीद भाई, असगर अली, शकर उल्ला, जावर निवासी हाफिज अब्दुल मजीद और नागौर निवासी अरुण जैन को प्रतिबंधित संगठन से जुड़े होने और आतंकी हमले के लिए षड्यंत्र रचने का दोषी माना.  विशेष लाेक अभियोजक महावीर जिंदल के मुताबिक बीकानेर निवासी बाबू उर्फ निशाचंद और पवन पुरी को इस अपराधों के अलावा पाकिस्तान से रकम मंगाने का दोषी भी माना.
– मामले के जांच अधिकारी IPS हेमंत शर्मा के अनुसार ATS ने संदिग्ध फोन कॉल इंटसेप्ट किए थे.  जिनमें आपत्तिजनक बातें कोड के रूप में सुनाई दीं.  इस पर फोन नंबरों की CDR निकाली गई.  ये फोन जोधपुर, बीकानेर और पटियाला जेलों से किए जा रहे थे.  साथ ही पाकिस्तान में एक ही नंबर पर इन तीनों जगहों से बात हो रही थी. इसके बाद गहन पड़ताल में पता चला कि आतंकियों ने अन्य कैदियों को लश्कर से जोड़ा.  इस नेटवर्क के जरिए त्योहारों पर हिंदूवादी नेताओं पर हमला कर दंगे कराने सहित बड़ी साजिश पर काम कर रहे हैं.

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