रेवाड़ी: मकान की खुदाई के दौरान मिले चांदी के प्राचीन सिक्के, लोगों में छीनाझपटी

शहर के राम सरोवर मोहल्ले में एक मकान की नींव खुदाई के दौरान सन् 1903 से लेकर 1919 तक के चांदी के सिक्के मिले। बताया जा रहा है कि सिक्के के मिलने के बाद लोगों में छीनाझपटी भी शुरू हो गई। वहीं खुदाई करने वाले एवं अन्य लोग इन सिक्कों को लेकर वहां से चंपत हो गए। घटना रविवार देर रात की है। पुलिस को सूचना मिलने के बाद वहां पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। सोमवार को करीब तीन बजे भारी पुलिस बल के बीच गुरुग्राम से पुरातत्व विभाग की टीम वहां पहुंची। पुलिस ने खुदाई क्षेत्र को कब्जे में ले लिया है। वहीं पुरातत्व विभाग की टीम का कहना है कि सिक्कों के साथ मिली टूटी हुई हांडी भी प्राचीन समय की है। पूरे मामले की रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियेां को भेजी जाएगी। इसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यहां पर तीन दिन से खुदाई हो रही है। कुछ लोगों का यहां तक कहना है कि चांदी के सिक्कों के साथ सोने के सिक्के एवं गिन्नी भी पाई गई हैं। लोगों ने इस बात को प्रमाणित करने के लिए पुलिस एवं पुरातत्व विभाग के लोगों के सामने मिट्टी से चांदी के सिक्के भी निकालकर दिखाए। जिस तरह से खुदाई की गई मिट्टी से ही सिक्के निकल रहे थे। इससे आसानी से समझा जा सकता है कि यहां पर कितने सिक्के निकले होंगे।

जिस जमीन पर खुदाई के दौरान प्राचीन सिक्के मिले हैं। उस स्थान का नाम राम सरोवर है। यहां से कुछ ही मीटर की दूरी पर राजा राव गोपाल देव की हवेली है। इस हवेली में उनके वंशज आज भी रहते हैं। बताया जाता है कि राजा ने राम सरोवर बनवाया था। नहाने के लिए राजा इसी तालाब का उपयोग करते थे। हालांकि इसके बाद यहां पुराने समय के घर बने हुए हैं। अब लोग पुराने घरों को तोड़कर नए घरों का निर्माण कर रहे हैं। ऐसे ही एक घर के निर्माण के लिए नींव खुदाई में ये सिक्के मिले हैं।

मोहल्लावासियों के साथ अन्य लोग भी प्राचीन सिक्कों को देखने के लिए कटला बाजार के समीप स्थित मोहल्ला राम सरोवर पहुंच रहे हैं। हालांकि पुलिस के पास अभी तक कुल 30 प्राचीन सिक्के ही हैं। बाकी सिक्कों को रिकवर करने के लिए पुलिस वहां पर मौजूद प्लॉट मालिक एवं मजदूरी सहित अन्य लोगों से पूछताछ कर सकती है। सोमवार को पूरा दिन मौके पर पुलिस बल के साथ अन्य लोगों ने भी वहां का जायजा लिया।

खुदाई के स्थान पर निकले प्राचीन सिक्कों की सूचना के बाद पुलिस की ओर से पुरातत्व विभाग को भी सूचित कर दिया गया था। गुरुग्राम रेवाड़ी से महज 60 किमी. दूर है। यहां से आने में पुरातत्व विभाग को दोपहर के तीन बज गए। जो सहायक कर्मचारी यहां पर पहुंचे वह भी बिना किसी तैयारी के आए। हालांकि बताया जा रहा है कि उच्चाधिकारियेां को यहां की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के बाद गुरुग्राम से अन्य अधिकारी आ सकते हैं।

 

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