अयोध्या मामला : नमाज कहीं भी अदा कर सकते हैं, पर राम जन्म स्थान नहीं बदल सकते-हिंदू पक्ष

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नई दिल्ली: अयोध्या में जमीन के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में हो रही सुनवाई पर सुनवाई अंतिम चरणों में है.

आज की सुनवाई में क्या हुआ 

  • सुन्नी वक्फ बोर्ड की दलीलों पर जवाब देते हुए हिंदू पक्ष के वकील के परासरन ने कहा, ये बिल्कुल साफ है कि कौन भारत आया और मंदिरों को तोड़कर मस्जिदों का निर्माण किया गया.
  • इस बात के कोई सबूत नहीं हैं कि हिंदू बाहर गए हों और मंदिर का निर्माण कराया हो.
  • मुस्लिमों के लिए ये सिर्फ एक मस्जिद है. एक ऐतिहासिक मस्जिद, लेकिन हमारे लिए ये भगवान राम का जन्म स्थान है.
  • पूरा देश इस मामले पर फैसले का इंतजार कर रहा है.

हिंदू पक्ष ने क्या कहा

  • हिंदू पक्ष के वकील के परासरन ने कहा, मुस्लिम कहीं पर भी नमाज अदा कर सकते हैं, लेकिन हमारे लिए ये संभव नहीं है कि हम राम का जन्मस्थान बदल दें.
  • राम जन्म स्थान नहीं बदला जा सकता. देश के इतिहास को तबाह नहीं होने दे सकते. विदेशी भारत में अपना कानून लागू नहीं कर सकते.
  • अयोध्या मुद्दे पर सुनवाई का मंगलवार को 39वां दिन है.
  • मुस्लिम पक्ष की सुनवाई पूरी हो चुकी है. अब हिंदू पक्ष अपनी दलीलें रखेगा.
  • माना जा रहा है कि इस मामले में जल्द फैसला आ सकता है.

19 नवंबर से पहले फैसला संभव

  • चीफ जस्टिस रंजन गोगोई को रिटायरमेंट से पहले इस मामले में फैसला आ सकता है.
  • सीजेआई रंजन गोगोई नवंबर में रिटायर हो रहे हैं. 17 अक्टूबर को सुनवाई पूरी हो जाएगी.
  • पहले ये 19 अक्टूबर तक होनी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसमें दो दिन की और कमी कर दी.

इससे पहले मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने कोर्ट को बताया कि निर्मोही अखाड़ा के वकील सुशील जैन की माँ का निधन हो गया है. इसलिए आज वह अपनी दलील नहीं देंगे. जैन, सुन्नी वक्फ़ बोर्ड के दलीलों का जवाब बुधवार को देंगे. हिन्दू पक्ष के वकील के परासरन वक्फ़ बोर्ड के दलीलों का जवाब दे रहे हैं.