मोदी सरकार-1 में सबसे बड़े संकटमोचक थे अरुण जेटली

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BJP नेता अरुण जेटली का 66 साल की उम्र में निधन हो गया. आज दोपहर 12.07 बजे उन्होंने एम्स में आखिरी सांस ली. पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली को अपनी बीमारी की गंभीरता का अहसास काफी पहले ही हो चुका था.

तभी उन्होंने दूसरी बार नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने पर उनके कैबिनेट में शामिल होने से विनम्रता पूर्वक मना कर दिया था.

नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल में अरुण जेटली वित्त मंत्री रहे. इस दौरान उन्होंने रक्षा मंत्रालय का कार्यभार भी अस्थाई रूप से संभाला. यह अलग बात है कि जेटली अमृतसर से लोकसभा चुनाव हार गए थे, लेकिन उनकी योग्यता को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें अपने मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया. मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में उनकी छवि दूसरे नंबर के नेता के तौर पर थी.

मोदी सरकार से पहले अरुण जेटली अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में कैबिनेट मंत्री बने. तब उन्हें उद्योग-वाणिज्य और कानून मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया था. लेकिन मोदी राज में कई बार मुश्किल में आई सरकार के लिए संकटमोचक बनकर सामने आए और सरकार को मुश्किलों से बाहर निकाला.