केंद्र सरकार ने लोगों को दिया दिवाली गिफ्ट, कैबिनेट बैठक के ये 4 बड़े फैसले

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नई दिल्ली. केंद्र सरकार (Central Government) ने किसानों (Farmers) और केंद्रीय कर्मचारियों (Central Government Employees) को दिवाली गिफ्ट दिया है. एक ओर जहां सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Scheme) के तहत सालाना 6 हजार रुपये लेने के लिये खाते को आधार से लिंक करने की समय सीमा बढ़ाई. वहीं दूसरी ओर, केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 5 फीसदी बढ़ा दिया गया है. आइए जानते हैं कैबिनेट बैठक के चार अहम फैसलों के बारे में…

(1) केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 5% की बढ़ोतरी
सरकार ने बुधवार को केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को 5 प्रतिशत बढ़ाने का निर्णय किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय का निर्णय किया गया.

(2) विस्थापित कश्मीरी परिवारों को मिलेंगे 5.5 लाख
सरकार ने कश्मीर से विस्थापित होकर भारत के कई राज्यों में आ बसे 5300 कश्मीरी परिवारों को बड़ी राहत देने का ऐलान किया है. अब इन परिवारों को केंद्र की ओर से 5.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि ये कश्मीर में बस सकें. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने पीओके के विस्थापितों के लिए मुआवजे का ऐलान करते हुए कहा कि इससे ऐतिहासिक भूल सुधार का मौका मिलेगा.

(3) खाते को आधार से जोड़ने की समयसीमा बढ़ी
सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 6,000 रुपये सालाना लाभ लेने के लिये खाते को आधार से जोड़ने की समयसीमा 30 नवंबर तक बढ़ा दी है. सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, मंत्रिमंडल ने एक अगस्त 2019 के बाद प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत राशि जारी करने को लेकर खाते से आधार को अनिवार्य रूप से जोड़ने की समयसीमा 30 नवंबर 2019 करने का निर्णय किया है.

(4) रेडियो और टेलीविजन के क्षेत्र में भारत और विदेशी प्रसारकों के बीच समझौते को मंजूरी
प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रेडियो और टेलीविजन के क्षेत्र में भारत और विदेशी प्रसारकों के बीच समझौते को पूर्व-प्रभाव से अपनी मंजूरी दे दी है. विदेशी प्रसारकों के साथ समझौते से सार्वजनिक प्रसारक को नए दृष्टिकोण तलाशने में, नई प्रौद्योगिकियों और कड़ी प्रतियोगिता से जुड़ी मांगों को पूरा करने के लिए नई रणनीतियों के संदर्भ में, समाचार माध्‍यम के उदारीकरण में और वैश्वीकरण में मदद मिलेगी.

परस्‍पर आदान-प्रदान, सह-उत्‍पादक के माध्‍यम से तैयार किए गए कार्यक्रमों के प्रसारण से दूरदर्शन और आकाशवाणी के दर्शकों/श्रोताओं के बीच समता और समावेशन का वातावरण तैयार होगा. तकनीकी जानकारी, विशेषज्ञता के आदान-प्रदान और कामगारों के प्रशिक्षण से सार्वजनिक प्रसारकों को प्रसारण के क्षेत्र में उभरती चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी.