डेरा प्रमुख पर फैसले के बाद हिंसा को देखते हुए पंचकूला में लगाया गया कर्फ्यू हटा लिया गया है, वहीं मामले में पहली गाज डीएसपी पर गिरी है। शुक्रवार शाम चार बजे से पंचकूला में लागू कर्फ्यू रात 11 बजे के बाद हटा लिया गया। आम जनों की परेशानियों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इस संबंध में डीसीपी दफ्तर की ओर से ज्ञारी प्रेस विज्ञप्ति में इसकी पुष्टि की गई है। पंचकूला डीएसपी अशोक कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। डेरामुखी मामले में बढ़े बवाल के कारण बने धारा 144 लगाने में कोताही बरतने वाले डिप्टी कमिश्नर

जेल में पहली रात गुरमीत राम रहीम को नींद नहीं आई। उन्होंने खाना भी नहीं गया। वे पूरी रात टहलते रहे और रात दो बजे के करीब दूध पिया। सुबह नाश्ते में चाय और ब्रेड लिया। बता दें कि राम रहीम को रोहतक की सुनारिया जेल अप्रूवल सेल में रखा गया है। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को यौन शोषण मामले में पंचकूला स्थित सीबीआई कोर्ट ने शुक्रवार को दोषी करार दिया। उसके बाद हरियाणा पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और सेना की सुरक्षा में पहले वेस्टर्न कमांड ले जाया गया। वहां उनका मेडिकल चेकअप कराया

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम पंचकूला के लिए रवाना हो गए हैं. 800 गाड़ियों के काफिले के साथ राम रहीम पंचकूला के लिए निकले हैं. आज पंचकूला सीबीआई कोर्ट फैसला सुनाएगी. हरियाणा के सिरसा में गुरुवार रात से हालात बिगड़ने की स्थिति को देखते हुए कर्फ्यू लगा दिया गया है. फैसले को लेकर पंचकूला में हजारों की संख्या में राम रहीम समर्थक मौजूद हैं. [embed]https://www.youtube.com/watch?v=iKBklvARMXw&feature=youtu.be[/embed]

जिस मामले में दो-दो प्रदेशों की सरकार डरी हुई है. पूरी पुलिस व्यवस्था अस्त-व्यस्त है. लाखों लोगों ने शहर को बंधक बना रखा है. सैकड़ों बसें और दर्जनों ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं. पूरे राज्य में धारा 144 लगी है. इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया है. ऐसे माहौल में कौन है वो जज, जो बिना किसी दबाव में आए राम रहीम पर लगे रेप के आरोपों के हाई प्रोफाइल मामले में निष्पक्ष फैसला सुनाएंगे. साल 2016 में सीबीआई स्पेशल जज बने जगदीप सिंह 15 साल पुराने इस हाई प्रोफाइल केस में कल अपना फैसला सुनाएंगे. एडिशनल डिस्ट्रिक्ट और

सीबीआइ कोर्ट में डेरा मुखी की पेशी के संदर्भ में अफवाहों का दौर भी शुरू हो गया है। डेरा अनुयायियों की बढ़ती संख्या और प्रदेशभर के हालात देख पुलिस हर घंटे अपनी प्लानिंग बदल रही है। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों में चर्चा है कि डेरा प्रमुख यदि सरकार के साथ तालमेल बैठाकर पंचकूला आते हैं तो प्रबल संभावना है कि उन्हें हेलीकॉप्टर के माध्यम से लेकर आया जाए। अभी औपचारिक फैसला नहीं हो पाया है। सिरसा से लेकर पंचकूला तक के सभी रास्तों पर हुजूम देखते हुए सरकार सतर्कता बरत रही है। सेक्टर-5 में जहां पर सीएम और केंद्रीय मंत्रियों के

भिवानी में स्वाइन फ्लू ने तेजी से पैर पसारता शुरू कर दिया है। फिलहाल भिवानी से 50  संदिग्ध मरीजों के सैंपल भेजे गए थे, जिनमें से चार मरीज स्वाईन फ्लू के होने की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने स्वाईन फ्लू के मरीजों के लिए स्पेशल वार्ड बना दिया है। पहले स्वाईन फ्लू के मरीज दिल्ली और राजस्थान में ज्यादा थे। स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ डॉ. रणदीप पूनिया का कहना है कि स्वाईन फ्लू संदिग्ध होने पर तुरंत नागरिक अस्पताल में दिखाना चाहिए।

पंचकूला की सीबीआई कोर्ट डेरा सच्चा सौदा प्रमुख पर 25 अगस्त को फैसला सुनाने जा रही है, जिसे लेकर हरियाणा और पंजाब में हाई अलर्ट कर दिया गया है। फैसले से पहले डेरा प्रेमियों ने पंचकूला में लंगर डाल दिया है जिसे लेकर पुलिस के साथ पैरामिल्ट्री फोर्स को तैनात किया गया है ताकि किसी तरह की कोई अनहोनी ना होने पाए। पंचकूला के साथ हरियाणा के कई बड़े शहरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस के साथ सुरक्षाबलों की अतिरिक्त कंपनियों को तैनात किया गया है। प्रदेश की पंजाब से लगती सीमाओं पर नाकेबंदी कर दी गई है और

गुरमीत राम रहीम सिंह अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं. इनका जन्म 15 अगस्त, 1967 को राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के गुरुसर मोदिया में जाट सिख परिवार में हुआ था. राम रहीम के पिता का नाम मघर सिंह और मां का नाम नसीब कौर है. उनकी तीन बेटियां और एक बेटा है. इनमें से एक बेटी को राम रहीम ने गोद लिया है. सन् 1990 में उन्होंने एक सत्संग के दौरान संन्यास लिया था. राम रहीम को 7 साल की उम्र में ही 31 मार्च, 1974 को तत्कालीन डेरा प्रमुख शाह सतनाम सिंह जी ने नाम दिया था. 23 सितंबर, 1990 को