कितनी बार भी हो गिरफ्तारी लेकिन चौकीदार चौर है-राहुल गांधी

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केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी (CBI) में मचे विवाद को कथित राफेल घोटाले से जोड़कर कांग्रेस ने शुक्रवार को देशव्यापी प्रदर्शन किया. CBI डायरेक्टर आलोक वर्मा की शक्तियां छीनने के विरोध में दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सीबीआई मुख्यालय के पास प्रदर्शन की अगुआई की.प्रदर्शन के बाद राहुल समेत दूसरे विपक्षी नेताओं ने गिरफ्तारी भी दी. यहां से राहुल गांधी व अन्य नेताओं को लोधी रोड पुलिस स्टेशन ले जाया गया.

राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राफेल सौदे की जांच से बचने के लिए ऐसा किया गया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ‘चौकीदार’ को ‘चोरी’ नहीं करने देगी. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘हिंदुस्तान के हर इंस्टिट्यूशन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आक्रमण कर रहे हैं. नरेंद्र मोदी ने अनिल अंबानी की जेब में पैसा डाला है.’ राहुल ने सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा की बहाली की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मुद्दे पर माफी मांगने को कहा.

दिल्ली में राहुल गांधी के नेतृत्व में सीबीआई के हेडक्वॉर्टर पर प्रदर्शन के अलावा उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा समेत अन्य जगहों पर भी सीबीआई दफ्तर के सामने प्रदर्शन किए गए. कांग्रेस के इस प्रदर्शन को विपक्ष का भी साथ मिलता दिखाई दिया. कांग्रेस के अलावा टीएमसी और सीपीआई के नेता भी प्रदर्शन में शामिल हुए.

राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने दयाल सिंह कॉलेज से मार्च शुरू किया. सीबीआई की तरफ जाने वाले रास्ते को पुलिस ने बंद कर दिया था. राहुल गांधी के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत, आनंद शर्मा, अहमद पटेल, दीपेंदर हुड्डा के अलावा टीएमसी सांसद हक, शरद यादव और सीपीआई नेता डी राजा भी मार्च में शामिल हुए.यूपी में कांग्रेस के प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने किया. कांग्रेस ने महाराष्ट्र, कर्नाटक समेत देशव्यापी स्तर पर सीबीआई दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया है.

क्या है मामला?

गौरतलब है कि CBI ने राकेश अस्थाना (स्पेशल डायरेक्टर) और कई अन्य के खिलाफ कथित रूप से मीट कारोबारी मोइन कुरैशी की जांच से जुड़े सतीश साना नाम के व्यक्ति के मामले को रफा-दफा करने के लिए घूस लेने के आरोप में FIR दर्ज की थी. इसके एक दिन बाद डीएसपी देवेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया गया. इस गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को सीबीआई ने अस्थाना पर उगाही और फर्जीवाड़े का मामला भी दर्ज किया.

सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच छिड़ी इस जंग के बीच, केंद्र ने सतर्कता आयोग की सिफारिश पर दोनों अधिकारियों को छु्ट्टी पर भेज दिया. और जॉइंट डायरेक्टर नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक बना दिया गया. चार्ज लेने के साथ ही नागेश्वर राव ने मामले से जुड़े 13 अन्य अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया.