शानदार, चंडीगढ़ देगा 171 देशों को ग्रीनरी टिप्स

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शानदार, चंडीगढ़ देगा 171 देशों को ग्रीनरी टिप्स

फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया, देहरादून की रिपोर्ट के अनुसार चंडीगढ़ का ग्रीन कवर एरिया 40.7 प्रतिशत तक बढ़ गया है। यह आई.एस.एफ.आर. की वर्ष 2015 की रिपोर्ट के मुकाबले 13.8 प्रतिशत अधिक है।  यही वजह है कि चंडीगढ़ शहर ग्रीन कवर एरिया के मामले में पूरे देश में टॉप पांच शहरों में से एक है। अब चंडीगढ़ दुनिया के लगभग 171 देशों को बताएगा कि कैसे समय के साथ रहते हुए भी शहर की ग्रीनरी को भी बरकरार रखा गया है। जर्मनी के बोन शहर में यू.एन. क्लाइमेट चेंज कान्फ्रैंस का आयोजन होने जा रहा है। यह 6 नवम्बर से शुरू होगी। इसमें भारत की ओर से चंडीगढ़ ग्रीनरी के टॉपिक पर देश का प्रतिनिधित्व करेगा।

प्रशासन ने चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन संतोष कुमार को इस कान्फ्रैंस में भेजने का फैसला लिया है। कान्फ्रैंस 17 नवम्बर तक चलेगी। लेकिन चंडीगढ़ को 8 नवम्बर को ग्रीनरी विषय पर लैक्चर देना होगा। यह पहला मौका होगा जब ग्रीन सिटी चंडीगढ़ को इस टॉपिक के लिए चुना गया है। प्रशासन इस कान्फ्रैंस की तैयारियों को इन दिनों अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है।

स्मार्ट सिटी की होगी प्रैजैंटेशन :
प्रशासन ने इस कान्फ्रैंस के लिए अपने स्मार्ट सिटी प्रोजैक्ट को भी शामिल किया है। भविष्य में स्मार्ट सिटी के तौर पर चंडीगढ़ को डेवलप किए जाने के साथ-साथ ग्रीनरी को भी कैसे बरकरार रखा जाएगा यह प्रेजैंटेशन में शामिल रहेगा। इसके लिए फॉरेस्ट एंड वाइल्ड लाइफ डिपार्टमैंट की ओर से नगर निगम की मदद ली गई है। स्मार्ट सिटी प्रोजैक्ट के जरिए बताया जाएगा कि भविष्य में चंडीगढ़ में क्या-क्या बदलाव आएंगे? लेकिन ग्रीनरी भी बढ़ाने पर पूरा फोकस रखा जाएगा।

सोलर सिटी पर दिखाई जाएगी फिल्म :
केंद्र सरकार द्वारा चंडीगढ़ को मॉडल सोलर सिटी के तौर पर डिवैल्प किया जा रहा है। कान्फ्रैंस में चंडीगढ़ की ओर से सोलर सिटी पर तैयार की गई एक फिल्म भी दिखाई जाएगी। इस फिल्म के जरिए चंडीगढ़ सोलर प्लांट को लेकर चल रहे और पूरे हो चुके प्रोजैक्ट्स के बारे में बताया जाएगा। इससे पहले कोप-23 में भी चंडीगढ़ ने पार्टीसिपेट किया था। गत वर्ष हुई इस कान्फ्रैंस में चंडीगढ़ को केवल सोलर पर ही प्रेजैंटेशन के लिए आमंत्रित किया गया था।

प्रोजैक्ट्स की भेंट चढ़ रही ग्रीनरी :
अपनी ग्रीनरी के लिए चंडीगढ़ देश-दुनिया में उदाहरण बन रहा है लेकिन एक हकीकत यह भी है कि जिस तरह से नए-नए प्रोजैक्ट्स प्रशासन प्लान कर रहा है जल्द ही यह ग्रीनरी भी खतरे में आ रही है। पब्लिक बाइक शेयरिंग सिस्टम को शहर में प्रोत्साहित करने के लिए इन दिनों साइकिल ट्रैक की संख्या को बढ़ाने का काम तेजी से चल रहा है।  लेकिन इस प्रोजैक्ट के लिए पेड़ों की भी बलि दी जा रही है। ऐसा ही एक उदाहरण सैक्टर-15 से सैक्टर-16 को कनैक्ट करने वाले साइकिल ट्रैक में देखने को मिला। साइकिल ट्रैक के लिंक को पूरा करने के लिए स्लिप रोड के बीचों-बीच आ रहे पेड़ की जड़ों से ही सड़क को निकाल दिया गया। आलम यह है कि स्लिप रोड के बीच में यह पेड़ खड़ा हुआ है।

दो प्रोजैक्ट्स के लिए कटेंगे 60 हरे पेड़ :
शहर में धीरे-धीरे हरे पेड़ों की संख्या कम होती जा रही है। प्रशासन अपने दो अन्य प्रोजैक्ट्स के लिए 60 पेड़ों की कुर्बानी देने जा रहा है। इनमें से 37 पेड़ सैक्टर-17 में इसलिए काटे जाएंगे क्योंकि यहां से कैपिटल कांप्लैक्स के बीच कनैक्ट करता हुआ एक साइकिल ट्रैक बनाया जाना है।  इसके अतिरिक्त सैक्टर-17 से रोज गार्डन के बीच अंडरपास भी बनना है इसलिए भी पेड़ काटे जाने हैं। इस प्रोजैक्ट के बीच में आने वाले 23 हरे पेड़ भी काटे जाएंगे। इसके लिए प्रशासन की ओर से टैंडर भी जारी कर दिया गया है।