सीलिंग के मुद्दे पर भूख हड़ताल से केजरीवाल ने लिया यू-टर्न

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सीलिंग के मुद्दे पर एक अप्रैल से भूख हड़ताल के फैसले पर यू-टर्न ले लिया है. आम आदमी पार्टी दिल्ली इकाई के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल ने अपने फैसले को कुछ वक्त के लिए टाल दिया है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट सीलिंग के मसले पर 2 अप्रैल से नियमित सुनवाई करने जा रहा है. इसके लिए दिल्ली सरकार ने दो सीनियर वकीलों की नियुक्ति की है. सीएम खुद पूरे मामले पर करीबी नजर बनाए हुए हैं.

उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि कोर्ट में नियमित सुनवाई के बीच भूख हड़ताल कोर्ट की अवमानना जैसी होगी. जिससे नतीजे प्रभावित हो सकते हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अनशन नहीं करना चाहिए.

मुख्यमंत्री के इस यू-टर्न के बाद विपक्ष उनपर हमलावर हो गया है. दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने ट्वीट कर कहा कि ‘आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली के लोगों और कारोबारियों को एक बार फिर से ठगा है.’

वहीं इस मामले पर कपिल मिश्रा ने तंज कसते हुए ट्वीट किया, ‘केजरीवाल के दफ्तर से पत्रकारों को कॉल, सीलिंग पर भूख हड़ताल कैंसिल. CM ने कुछ पत्रकारों से हाथ जोड़कर कहा- ‘इज्ज़त बचा लो, भूख हड़ताल से बचने का रास्ता बताओं, उस दिन जनता के सवालों से बचने के लिए बोल दिया था.’

इसके अलावा कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने सीलिंग के मसले पर सीएम अरविंद केजरीवाल द्वारा भूख हड़ताल टालने को व्यापारियों के साथ बड़ा विश्वासघात बताया है.

बता दें कि अरविंद केजरीवाल ने सीलिंग से प्रभावित कारोबारियों से कहा था कि यदि 31 मार्च तक यह मसला नहीं सुलझता है तो फिर वह भूख हड़ताल पर जाएंगे. अब तक केजरीवाल की ओर से तीन बार भूख हड़ताल का ऐलान किया जा चुका है.