2 दोषियों की क्यूरेटिव पिटीशन सुप्रीम कोर्ट में खारिज, चारों गुनहगारों को फांसी होगी

0
43
views

निर्भया गैंगरेप केस में फांसी की सजा पाए 4 दोषियों में शामिल विनय शर्मा और मुकेश सिंह ने क्यूरेटिव पिटीशन दायर की थी. इसे सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की बेंच ने मंगलवार को खारिज कर दिया. इससे पहले दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने पिछले हफ्ते दोषी अक्षय ठाकुर (31), पवन गुप्ता (25), मुकेश सिंह (32) और विनय शर्मा (26) का डेथ वॉरंट जारी किया था. अदालत ने चारों दोषियों को एक साथ 22 जनवरी की सुबह 7 बजे फांसी पर लटकाने का वक्त मुकर्रर किया है.

 

तिहाड़ जेल में फांसी की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. रविवार को दोषियों की डमी को फांसी दी गई थी. ये प्रक्रिया फांसी से पहले की रिहर्सल मानी जाती है. इसके लिए पत्थरों और मलबे से चारों दोषियों की डमी उनके वजन के हिसाब से तैयार की गई थी. हालांकि, इस प्रक्रिया के लिए जल्लाद नहीं बुलाया गया और जेल अधिकारियों ने ही इस प्रक्रिया को अंजाम दिया था.

 

वारदात के 2578 दिन बाद डेथ वॉरंट जारी हुआ था

चारों दोषियों को जेल नंबर 3 में फांसी दी जाएगी. तीन दोषी जेल नंबर 2 में रखे गए हैं और एक को जेल नंबर 4 में रखा गया है. निर्भया के केस में वारदात के 2578 दिन बाद डेथ वॉरंट जारी हुआ था. 16 दिसंबर 2012 को निर्भया गैंगरेप का शिकार हुई थी. नौ महीने बाद यानी सितंबर 2013 में निचली अदालत ने दोषियों को फांसी की सजा सुनाई थी. मार्च 2014 में हाईकोर्ट और मई 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा बरकरार रखी थी.