भारत आना चाहता है मोस्ट वॉन्टेड दाऊद इब्राहिम, लेकिन इस शर्त पर..

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1993 के मुंबंई सीरियल ब्लास्ट का मास्टरमाइंड और भारत का मोस्ट वॉन्टेड दाऊद इब्राहिम सरेंडर करना चाहता है. यह सनसनीखेज दावा किया है श्याम केसरवानी नाम के शख्स ने जो खुद को दाऊद का वकील बताते हैं. लेकिन सरकारी वकील उज्जवल निकम ने इसे दाऊद का पुराना स्टाइल बताया.

दाऊद का वकील ने कहा कि अंडरवर्ल्ड डॉन कुछ शर्तों के साथ भारत लौटना चाहता है लेकिन भारत सरकार को उसकी शर्तें मंजूर नहीं हैं. केसवानी ने यह बात थाने कोर्ट के बाहर कही. जहां वह दाऊद के भाई इकबाल इब्राहिम पर चल रहे उगाही के मामले की सुनवाई के लिए आए थे. उन्होंने कहा कि दाऊद चाहता है कि उसे भारत में सबसे सुरक्षित जेलों में से एक मुंबई के आर्थर रोड सेंट्रल जेल में ही रखा जाए.

कुछ वक्त पहले वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी खुलासा कर चुके हैं कि दाऊद ने उनसे भी भारत आकर सरेंडर करने की बात कही थी लेकिन तब के नेताओं ने इस पर कोई एक्शन नहीं लिया.

गौरतलब है कि आर्थर रोड जेल वही जेल है जहां मुंबई आतंकवादी हमले के आरोपी अजमल कसाब को फांसी देने से पहले चार साल तक रखा गया था.

दाऊद इब्राहिम पर संगीन आरोप हैं. वो करीब 25 सालों से भारत का भगोड़ा आतंकी है जिसने पाकिस्तान में पनाह ले रखी है, लिहाजा दाऊद की बातों पर यकीन करना मुश्किल है.

कौन है दाऊद इब्राहिम

दुनिया के सबसे बड़े अपराधियों में दाऊद को गिना जाता है. 2003 में अमेरिका ने उसे ग्लोबल टेररिस्ट माना. इंटरपोल उसकी तलाश में है. 2011 में फोर्ब्स ने उसे दुनिया के सबसे खतरनाक अफराधियों की सूची में रखा था. 26 नवंबर 1955 को दाऊद का जन्म महाराष्ट्र के रत्नागिरी नाम के इलाके में हुआ था.

उसके पिता पुलिस में थे लेकिन पैसा कमाने के लिए उसने गलत कामों से परहेज नहीं किया. करीम लाला गैंग से आपराधिक करियर की शुरुआत करने वाला दाऊद अंडरवर्ल्ड का बेताज बादशाह बन गया. 12 मार्च 1993 को मुंबई में 13 जगह ब्लास्ट हुए, इन धमाकों में 350 लोग मारे गए. माना जाता है कि इन हमलों के पीछे दाऊद का हाथ था.