कांगड़ा रेलवे स्टेशन को धर्मशाला-शिमला फोरलेन परियोजना से जोड़ा जाएगा

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कांगड़ा रेलवे स्टेशन को धर्मशाला-शिमला फोरलेन परियोजना से जोड़ा जाएगा

धर्मशाला-शिमला फोरलेन परियोजना से अब कांगड़ा रेलवे स्टेशन को जोड़ा जाएगा. समेला रेलवे स्टेशन से कांगड़ा होते हुए फोरलेन को टांडा बाइपास स्थित बोदड़बल्ला से निकाला जाएगा. तीन किलोमीटर लंबे सड़क मार्ग के इस बदलाव से फोरलेन निर्माण की टेंडर प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित हो गई है. इसके चलते प्रदेश की दो राजधानियों को जोड़ने वाली फोरलेन परियोजना लटक गई है.

मटौर-ज्वालामुखी के बीच फोरलेन निर्माण का खुलने वाला टेंडर साढ़े तीन महीने से फंसा है. पहले चरण में 20 किलोमीटर निर्माण कार्य का टेंडर 25 अप्रैल को खुलना था. इस निर्धारित तिथि के तुरंत बाद केंद्रीय सड़क एवं भूतल परिवहन मंत्रालय ने अवार्ड लैटर जारी कर निर्माण कार्य शुरू करने के आदेश जारी किए थे. मंत्रालय ने कहा था कि फोरलेन परियोजना का निर्माण कार्य और भू-अधिग्रहण प्रक्रिया एक साथ आरंभ होगी.

इसी बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद शांता कुमार ने नेशनल हाई-वे अथारिटी ऑफ इंडिया के सर्वे पर कुछ आपत्तियां जाहिर की. इसके अलावा जिला कांगड़ा प्रशासन ने भी सड़क के ले-आउट को लेकर कई तरह के सुझाव दिए. इस कारण 25 अप्रैल की निर्धारित समय पर खुलने वाली निविदाएं रोक दी गई. आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि इसके बाद कछियारी बाइपास से लेकर समेला गांव तक कई बार सर्वे बदले गए हैं. इसमें स्थानीय लोगों की आपत्तियां और सियासी दखल के अलावा प्रशासनिक दिशा-निर्देश भी शामिल रहे हैं. बहरहाल अप्रैल से लटकी टेंडर प्रक्रिया अब नेशनल हाई-वे अथारिटी ऑफ इंडिया के लिए मुसीबत बन गई है.

3 किलोमीटर का ले-आउट बदलेगा

अब नेशनल हाई-वे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के निर्देश जारी हुए हैं कि फोरलेन परियोजना में तीन किलोमीटर सड़क का ले-आउट बदला जाए. नई प्रोपोजल के तहत समेला रेलवे स्टेशन को कांगड़ा रेलवे स्टेशन से जोड़कर टांडा बाइपास निकाला जाए. इस कसरत के बीच अब मटौर-ज्वालामुखी के बीच खुलने वाला टेंडर कुछ समय के लिए और लटक सकता है.

कछियारी बाइपास से होगा निर्माण

इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण कार्य पांच भागों में बांटा गया है. इसका निर्माण कार्य कछियारी बाइपास से आरंभ होगा. इसके लिए कछियारी बाइपास से लेकर कांगड़ा तक 40 किलोमीटर मार्ग का पैकेज तैयार किया है. इसके लिए टेंडर प्रक्रिया जनवरी महीने में हो गई थी. इस आधार पर 25 अप्रैल को टेंडर खुलना था, लेकिन अब मामला लटकता नजर आ रहा है.

अभी तक थ्री-डी अधिसूचना नहीं

जिला प्रशासन ने भी अभी तक फोरलेन निर्माण की थ्री-डी अधिसूचना जारी नहीं की है. इस कारण भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हो पाई है.

लोकसभा चुनाव में बनेगा मुद्दा

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने फोरलेन परियोजना की सौगात को हिमाचल के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि बताया था. राज्य में भाजपा ने भी इस परियोजना की सौगात के मुद्दे को जमकर भुनाया था.