पंजाब में किसानों ने खेतों में जलाए नाड़, अब तक 11844 मामले सामने आए

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पंजाब में कर्फ्यू हटते ही किसानों ने खेतों में गेहूं की अवशेष को जलानी शुरू कर दी है. प्रशासनिक अमले के लॉकडाउन में व्यस्त होने के कारण खेतों में कोई चेक नहीं है इस वजह से इस बार पिछले सालों की अपेक्षा खेतों में नाड़ जलाने के मामले बढ़े हैं.

पंजाब रिमोट सेंसिंग सेंटर लुधियाना के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अनिल सूद ने बताया कि पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों की तुलना में इस बार खेतों में नाड़ जलाने के मामले ज्यादा हैं. पंद्रह अप्रैल से लेकर 22 मई तक सूबे में वर्ष 2018 में 10993, वर्ष 2019 में 10114, वर्ष 2020 में 11844 सामने आए हैं. वहीं 22 मई, 2020 को प्रदेश में किसानों ने 431 जगह नाड़ को आग लगाई है, जबकि 2018 में इसी दिन 98 और वर्ष 2019 में 330 जगह आग लगाई गई थी.

उल्लेखनीय है कि गेहूं की फसल निकलने के बाद किसानों को जून महीने में धान की बिजाई के लिए खेतों को तैयार करना होता है. जिला खेतीबाड़ी अधिकारी डॉ. नरिंदर सिंह बैनीपाल ने बताया कि खेतों में आग लगाने पर छह माह की सजा के साथ जुर्माने का प्रावधान है, लेकिन किसानों को इसका भी डर नहीं है. लॉकडाउन में व्यस्तता के बावजूद खेती विभाग की टीमों ने नाड़ जलाने पर 39 किसानों के खिलाफ केस दर्ज करवाए हैं.