बर्थडे स्पेशल: दुनियाभर में नाम कमाने वालीं ‘बबीता फोगाट’ के बारे में जानिए दिलचस्प बातें

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देश की दिग्गज महिला पहलवान बबीता फोगाट आज अपना 30वां जन्मदिन मना रही हैं. बबीता का जन्म आज ही के दिन 30 नवंबर 1989 को हरियाणा के भिवानी में हुआ था.

बबीता अपनी सभी बहनों में दूसरे नंबर पर हैं. पहलवानों के इस परिवार में सबसे बड़ी गीता हैं. गीता के बाद बबीता, ऋतु और फिर संगीता आती हैं. फोगाट बहनों के नाम से दुनियाभर में मशहूर ये पहलवान बहनें पूरे विश्व में न सिर्फ अपने माता-पिता का नाम रोशन कर रही हैं बल्कि देश का गौरव भी बढ़ा रही हैं.

गीता फोगाट ने साल 2010 में दिल्ली में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) में गोल्ड मेडल जीता. वहीं, बबीता कुमारी फोगाट ने साल 2014 में ग्लास्गो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल हासिल किया.

इससे पहले वर्ल्ड रेस्लिंग चैंपियनशिप में बबीता कांस्य और CWG में रजत पदक हासिल कर चुकी थीं, लेकिन सोने के तमगे की अपनी अलग अहमियत होती है. ऐसे में दो साल बाद उन्होंने गोल्ड मेडल के लिए ही विपक्षी खिलाड़ी को धोबी पछाड़ लगाई.

फ्रीस्टाइल रेस्लर बबीता फोगाट ने अपने करियर में कुल 7 पदक जीते हैं, जिसमें 4 गोल्ड मेडल, 2 ब्रॉन्ज और एक सिल्वर मेडल शामिल है. बबीता ने साल 2010 में दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक, 2012 Strathcona County World Championships में कांस्य पदक जीता था.

इसके बाद 2014 ग्लास्गो कॉमनवेल्थ और 2018 गोल्डकोस्ट में स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया था.  2013 में हुई Asian Championships में भी बबीता को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा था, जबकि 2009(जालंधर) और 2011(मेलबर्न) में कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में उन्होंने गोल्ड मेडल हासिल किया था.

खेल से दूर रहने के बाद बबीता फोगाट ने राजनीति में कदम रखा. सिंतबर में बबीता फोगाट ने पिता के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ले ली. इसी साल हरियाणा में हुए विधानसभा चुनाव में बबीता फोगाट को भाजपा ने दादरी सीट से विधायक पद का चुनाव लड़ा.

इससे पहले उन्हें हरियाणा पुलिस में सब इंस्पेक्टर की नौकरी छोड़नी पड़ी. उधर, विधानसभा चुनाव भी बबीता फोगाट हार गईं. बता दें कि साल 2009 से 2013 तक किए गए प्रदर्शन के दम पर हरियाणा की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने उनको पुलिस की नौकरी दी, जिसे उन्होंने राजनीति के लिए कुर्बान कर दिया.