करतारपुर साहिब के मुद्दे पर हरसिमरत कौर बादल ने किया नवजोत सिंह सिद्धू का पलटवार

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चंडीगढ़ में पंजाब में कांग्रेस के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू प्रेस कॉन्फ्रेस की.  नवजोत सिंह सिद्धू ने सुषमा स्वराज से मुलाकात के दौरान करतारपुर साहिब के मुद्दे पर फटकार की खबरों पर सफाई दी. वहीं, हरसिमरत कौर ने एकबार फिर उनपर हमला बोला है और दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग जारी है. सिद्धू ने कहा कि उन्होंने करतारपुर साहिब कॉरिडोर को लेकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात कर पाकिस्तान से इसके संबंध में आग्रह करने की गुजारिश की. सिद्धू ने पाकिस्तान की ओर से करतारपुर साहिब कॉरिडोर खोले जाने के प्रस्ताव का दावा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को सिख भावनाओं का ख्याल रखते हुए इसके लिए पहल करनी चाहिए.

सिद्धू ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, ‘भारत सरकार का फर्ज बनता है कि वह नानक का नाम लेने वाले 10 करोड़ भक्तों के लिए बात रखे. मैंने बात की तो उन्होंने कहा कि मैं ड्राफ्ट बनवा रही हूं और चिट्ठी लिखूंगी। मुझे भारत सरकार से पॉजिटिव प्रतिक्रिया की उम्मीद है. रास्ता उधर है, जगह उधर है, जाना हमें है. इसलिए हमें रिक्वेस्ट करनी चाहिए.’

दूसरी तरफ सिद्धू की प्रेस कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद मोदी सरकार मंत्री और अकाली नेता हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि वह अपनी गलती को छिपाने के लिए यह दावा कर रहे हैं. बादल ने कि वह ही अकेले प्लेयर नहीं थे, जिन्हें पाक पीएम की शपथ का न्योता मिला था. सचिन और गावस्कर जैसे प्लेयर्स को भी आमंत्रण था, लेकिन वह नहीं गए. कांग्रेस के मंत्री गए.

पाक सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा से सिद्धू के गले मिलने को लेकर हरसिमरत कौर बादल ने कहा, ‘शपथ ग्रहण समारोह में वह पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष के गले लग गए. यह देश के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है. मुझे हैरानी इस बात की हुई किए एक इंसान देशवासियों से माफी मांगने की बजाय कहने लगे कि मैं बाजवा के गले इसलिए लगा क्योंकि उन्होंने बोला कि करतारपुर कॉरिडोर खोलने का फैसला ले लिया है. ऐसा दावा तब किया, जबकि सरकार शपथ ही ले रही थी. ऐसी स्थिति वह कोई फैसला कैसे ले सकती है.

‘1947 के प्रोटोकॉल का भी पालन नहीं कर रहा पाक’
हरसिमरत कौर ने कहा, ‘कई दिन बीते के बाद भी जब कांग्रेसी मंत्री कुछ नहीं कर सके और लगातार बयान देते रहे। इस पर मैंने सुषमा स्वराज को चिट्ठी लिखी कि ऐसी रिपोर्ट्स आई हैं कि पाकिस्तान इसे मंजूरी देने को तैयार है, लेकिन भारत सरकार कोई पहल नहीं कर रही है. इसके बाद सुषमा स्वराज जी ने चिट्ठी लिखी कि ऐसी कोई बात ही नहीं है. पाकिस्तान ने ऐसी कोई बात ही नहीं की है.1947 का प्रोटोकॉल है कि श्रद्धालुओं को आने-जाने दिया जाएगा, लेकिन वह उसका भी पालन नहीं कर रहे हैं.

हरसिमरत का दावा, सिद्धू को सुषमा जी ने लगाई फटकार
हरसिमरत कौर बादल ने दावा किया कि सुषमा जी ने कहा कि मैंने एम एस गिल को मुलाकात का वक्त दिया था, लेकिन उसमें सिद्धू भी पहुंच गए. इस पर उन्होंने सिद्धू को फटकार लगाई.