राफेल लड़ाकू विमान की तैनाती के लिए अंबाला एयरबेस तैयार

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अंबाला: लड़ाकू विमान राफेल जुलाई से अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से उड़ान भरने लगेगा। अंबाला में दो राफेल विमान की एक स्कवाड्रन तैनात की जाएगी। इसके बाद यहां से पाकिस्तान की हरकतों पर नजर रखना आसान हो जाएगा। राफेल के रखरखाव के लिए निर्माण कार्य तेजी पर है। राफेल अंबाला से पाकिस्‍तान और चीन की हरकतों पर नजर रखेगा। यह दुश्‍मनों को अंबाला से उड़ान भरकर पलभर सबक सिखाएगा।

अंबाला में राफेल के रखरखाव के लिए बनाए जा रहे बुनियादी ढांचों पर 73 करोड़ से अधिक रुपये खर्च होंगे। यहां 14 नए शेल्टर्स, नए हैंगरों, नए संचालन स्थलों, एक डी-ब्रीफिंग कक्ष और सिमुलेटर प्रशिक्षण का निर्माण हो रहा है। फ्रांस की टीम अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर मुआयना कर चुकी है।

एयरफोर्स और सेना अधिकारियों ने राफेल की स्कवाड्रन के लिए करीब 51 एकड़ और चिन्हित कर ली है। यहां से बोर्ड ने इसे मंजूरी के लिए फाइल रक्षा मंत्रालय (मिनिस्ट्री और डिफेंस-एमओडी) को भेज दी है। अभी तक यह खाली जमीन मिलिट्री डेयरी फार्म के पास है। भारत को 36 राफेल विमान दिए जाने हैं। इनमें 18 अंबाला और 18 हासीमारा एयरबेस पर रखे जाएंगे।

युद्ध की स्थिति में अंबाला एयरबेस हमेशा ही अहम भूमिका निभाता है। अब चीन के साथ जिस तरह से विवाद खड़ा हुआ है उसे देखते हुए अंबाला एयरबेस को भी तैयार रहने के आदेश दिए गए हैं। इसी को लेकर एयरफोर्स स्टेशन के भीतर भी हलचल तेज है। माना जा रहा है कि दो फ्रंट पर यदि स्थिति बिगड़ती है तो अंबाला एयरबेस काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

फिलहाल अंबाला में जगुआर लड़ाकू विमान तैनात हैं और यदि आपात स्थिति पैदा होती है तो अन्य एयरबेस से लड़ाकू विमान यहां लाए जा सकते हैं। उल्लेखनीय है कि बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान द्वारा हमला करने की नीयत से घुसे विमान को देख अंबाला से ही लड़ाकू विमानों को उड़ाया गया था।