प्रद्युमन मर्डर केस: निजी स्कूलों पर शिकंजा कसेगी हरियाणा सरकार !

गुरुग्राम के रेयान इंटरनैशनल स्कूल में प्रद्युमन हत्याकांड के बाद सजग हुई हरियाणा सरकार ने निजी स्कूलों पर शिकंजा कसने की तैयारी पूरी कर ली है। हरियाणा स्कूल शिक्षा नियमावली 2003 के एक्ट में संशोधन करने का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है। 23 अक्टूबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में इस ड्राफ्ट को पेश किया जाएगा जिसके बाद नया एक्ट प्रभावी हो जाएगी। इस नए एक्ट में निजी स्कूलों पर कई तरह से शिकंजा कसने की योजना बनाई गई है, जिसमें एस.डी.एम. और डी.ई.ओ. स्तर के अफसरों को स्कूलों के निरीक्षण का अधिकार दिया जाएगा।

यही नहीं स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सहित कई अहम मुद्दों पर भी मापदंड बनाए गए हैं। शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों का मानना है कि इस एक्ट के लागू होने के बाद निजी स्कूलों में होने वाले हादसों पर लगाम लगेगी और फीस सहित अन्य मामलों में भी सरकार का पुख्ता हस्तक्षेप भी रहेगा।

हरियाणा शिक्षा नियमावली 2003 के नए एक्ट में हर साल स्कूलों को निरीक्षण की शर्त रखी गई है। एक्ट में सबसे पहले निरीक्षण का अधिकार स्कूल की एक कमेटी के जरिए किया जाएगा जिसमें स्कूल प्रिंसिपल एक टीचर, मैनेजमैंट पदाधिकारी और अभिभावक संघ के एक व्यक्ति को शामिल किया जाएगा। यह कमेटी अपने निरीक्षण की रिपोर्ट ऑनलाइन शिक्षा विभाग को भेजेगी, जिसके बाद जरूरी समझने पर शिक्षा विभाग के अफसर इसकी तहकीकात करेंगे। एक्ट मेंं बच्चों की फीस बढ़ौतरी, सुरक्षा सहित तमाम मुद्दों पर खास नियम बनाए गए हैं। इन नियमों की अवहेलना करने पर भारी जुर्माना और सजा का प्रावधान भी तय किया जाएगा।

एक्ट में गरीब बच्चों के दाखिले व उनकी अन्य समस्याओं का अधिकार भी शिक्षा विभाग के पास होगा और किसी भी मामले में शिक्षा विभाग के अफसर उसमें हस्तक्षेप कर सकते हैं। शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों की मानें तो गुरुग्राम के रेयान इंटरनैशनल स्कूल को टेकओवर करने की अवधि अगले एक महीने के लिए और बढ़ाई जा सकती है। बताया गया कि जब तक रेयान स्कूल के मैनेजमैंट पदाधिकारियों की जमानत नहीं हो जाती तब तक स्कूल की देखरेख प्रशासक के हवाले होगी। रेयान स्कूल में प्रद्युमन हत्याकांड के बाद गुरुग्राम के उपायुक्त को प्रशासक नियुक्त किया गया था।

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