डेरा प्रमुख की पेशी से पहले हरियाणा, पंजाब में इंटरनेट और मोबाइल डाटा सेवाएं बंद होंगी

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चंडीगढ़

डेरा प्रमुख की पेशी से पहले तीन राज्यों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पंजाब गवर्नर हाउस में ही हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ की कोर्डिनेशन कमेटी की बैठक हुई। इसमें तीनों राज्यों में तत्काल प्रभाव से इंटरनेट और मोबाइल डाटा सेवाएं बंद करने का फैसला लिया गया।

पंजाब के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी की अध्यक्षता में हुई बैठक में और भी कई फैसले लिए गए। दोपहर बाद हरियाणा के गृह सचिव राम निवास हाई कोर्ट में पेश होकर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी हाई कोर्ट को देंगे।

बैठक में बताया गया कि हरियाणा में 35 कंपनियां अर्द्धसैनिक बलों की पहुंच चुकी हैं। आठ कंपनियां पहले अलाट हो चुकी हैं और दस कंपनियां अभी अलाट हुई हैं। इन 18 कंपनियों के आज शाम तक पहुंचने की संभावना है। इसके बाद राज्य में कुल 53 कंपनियां हो जाएंगी।

हरियाणा सरकार ने धारा 144 लागू करने में भी संशोधन किया है। पहले सिर्फ हथियार लेकर आने पर ही पाबंदी थी। अब लोगों के जमा होने पर भी रोक लगा दी गई है। पंचकूला में संवेदनशील स्थान पर जमा लोग हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद हरियाणा सरकार हुई सजग हुई है।

बता दें, पंचकूला व आसपास के क्षेत्र में भारी तादाद में डेरा प्रेमियों के आने और कानून व्यवस्था बिगड़ने को लेकर हाई कोर्ट में दायर जनहित याचिका पर हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए और अधिक फोर्स तैनात करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि हरियाणा के डीजीपी मामले से निपटने में पूरी तरह फेल साबित हो रहे हैं। हाई कोर्ट उन्हें डिसमिस करने का आदेश जारी कर सकता है।

हाई कोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस ने केंद्र को आदेश दिया कि वह इस मामले में सख्त कदम तत्काल उठाए, क्योंकि हरियाणा सरकार इस मामले में विफल नजर आ रही है। केंद्र और फोर्स तैनात करे, हम नही चाहते कि जाट आंदोलन जैसा हाल हरियाणा में हो।

कोर्ट ने कहा कि अगर आप कुछ नहीं कर सकते तो हम आर्मी को आदेश दें। इस पर केंद्र के वकील ने उचित कदम उठाने का कोर्ट को आश्वाशन दिया। कोर्ट ने कहा कि वह तीन दिन से देख रहे हैं कि क्या हो रहा है। कोर्ट ने केंद्रीय गृह सचिव को इस मामले में तुरंत उचित संख्या में सुरक्षा बल की तैनात करने का आदेश देने को कहा। कोर्ट ने कहा कि इस बाबत लंच के बाद कोर्ट को रिपोर्ट दी जाए। कोर्ट ने आइबी को भी कहा कि वो राज्य सरकार को इनपुट दे।

कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए कहा कि वो हरियाणा के डीजीपी को डिसमिस करने के आदेश जारी कर सकता। डीजीपी इस मामले में पूरी तरह फेल हैं। शर्म की बात है कि कानून व्यवस्था के लिए कोर्ट को आदेश जारी करना पड़ रहा है। कोर्ट रिपोर्ट आने बाद डीजीपी को डिसमिस के आदेश जारी कर सकता है। कहीं भी धारा 144 नजर नहीं आ रही, पुलिस क्या कर रही है।