हिमाचल : कोरोना से कांगड़ा में पहली मौत, पूरे जिले में कर्फ्यू लगाया गया

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धर्मशाला : हिमाचल में कोरोना वायरस से पीड़ित एक तिब्बती नागरिक की मौत हो गई, अमरीका से लौटे 69 वर्षीय तिब्बती को सोमवार सुबह निजी अस्पताल लाया गया, जहां से कांगड़ा के टांडा स्थित मैडीकल कॉलेज रैफर किया

  •  मरीज ने टांडा मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ा दिया
  • मरने के बाद व्यक्ति की कोविड-19 जांच के लिए नमूना लिया गया ताकि पता चल सके कि उनकी मृत्यु कोरोना वायरस से तो नहीं हुई, जिसमें प्रारंभिक रिपोर्ट में कोरोना से मौत की पुष्टि हुई है.
  • सीएमओ कांगड़ा डा. गुरदर्शन गुप्ता ने बताया कि तिब्बती व्यक्ति 15 मार्च को अमरीका से भारत आया था
  • 15 से लेकर 21 मार्च तक वह दिल्ली में रिश्तेदारों के यहां रहा और 21 को टैक्सी से मैक्लोडगंज पहुंचा
  • 22 की रात को तबीयत बिगड़ने पर सोमवार सुबह परजिन उसे बालाजी अस्पताल कांगड़ा लाए, जहां से उसे टांडा रैफर किया गया, लेकिन टांडा में उसने दम तोड़ दिया
  • जिस टैक्सी में यह व्यक्ति दिल्ली से मैकलोडगंज आया था उसकी पहचान कर ली गई है तथा उसको व उसके परिवार के सदस्यों को निगरानी में रखा जा रहा है

कांगड़ा का निजी अस्पताल लॉकडाऊन 

वहीं, जिस निजी अस्पताल में तिब्बती मरीज सुबह जांच करवाने गया था, उसे प्रशासन ने दोपहर बाद लॉकडाऊन कर दिया है। अस्पताल में सभी प्रकार की आवाजाही को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। वहीं, कांगड़ा जिला में 7 संदिग्ध मरीजों के सैंपलों की रिपोर्ट सामान्य आई है। रविवार को टांडा अस्पताल की लैब में 7 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, सोमवार को सैंपलों की रिपोर्ट आई है। जिसमें किसी भी व्यक्ति को कोरोना वारयस नहीं पाया गया है। उपायुक्त कांगड़ा ने प्रेसवार्ता में इसकी पुष्टि की हैं.

क्या कहते हैं अस्पताल के एमडी

उधर, बालाजी अस्पताल के एमडी डा. राजेश शर्मा ने बताया कि 69 वर्षीय तिब्बती व्यक्ति सुबह करीब 9:30 बजे अस्पताल लाया गया था। डाक्टरों को मामला संदिग्ध लगा, इसलिए उन्होंने डीसी और सीएमओ कांगड़ा को जानकारी दी। इसके बाद उसे टांडा भेज दिया गया। व्यक्ति पिछले दो साल से अस्पताल में इलाज करवा रहा था। एहतियात के तौर पर करीब 6 लोगों का स्टाफ आइसोलेशन में भेज दिया गया है। अस्पताल में ओपीडी बंद कर दी गई है.