हुड्डा-वाड्रा पर FIR मामले में गुरुग्राम पुलिस ने हरियाणा सरकार से जांच के लिए मांगी अनुमति

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गुरुग्राम

गुरुग्राम पुलिस ने हरियाणा सरकार से हुड्डा रॉबर्ट वाड्रा FIR केस की जांच के लिए अनुमति मांगी  है. भ्रष्टाचार के केस में जांच से पहले सरकार से अनुमति लेनी होती है. भ्रष्टाचार के केस में जांच के लिए भ्रष्टाचार अधिनियम 17 ए के तहत जांच के लिए अनुमति मांगनी जरूरी होता है.

शिकायतकर्ता से आज होगी पूछताछ

हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और गांधी परिवार के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ एफआईआर मामले में गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर ने शिकायतकर्ता सुरेंद्र शर्मा को पूछताछ के लिए आज बुलाया है. सुरेंद्र शर्मा से पुलिस कमिश्नर ऑफिस में गुरुग्राम जमीन घोटाले को लेकर पूछताछ की जाएगी. पुलिस कमिश्नर ने सुरेंद्र शर्मा से लैंड डील मामले में सबूत मांगे हैं. और उन्हें सबूत के साथ पेश होने को कहा गया है. आपको बता दें कि गुरुग्राम जमीन मामले को लेकर खेड़की दौला थाने में हुड्डा और राबर्ट वाड्रा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है.

हुड्डा पर FIR से गरमाई सियासत

उधर हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेन्द्र हुड्डा और राबर्ट वाड्रा के खिलाफ केस दर्ज होने को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर ने साजिश करार दिया है. उन्होंने कहा कि राफेल मुद्दे से ध्यान हटाने के लिए कार्रवाई की गई है. हालांकि कैबिनेट मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने इन आरोपों को गलत बताया किया है, उन्होंने कहा कि भूपेन्द्र हुड्डा के खिलाफ हुई कार्रवाई के पीछे सरकार का हाथ नहीं है, कानून और प्रशासन अपना काम कर रहा है.

इन धाराओं में केस दर्ज

एफआईआर में आईपीसी की धारा 420 यानी धोखाधड़ी, धारा 120 बी(आपराधिक पड्यंत्र), धारा 467(फर्जीवाड़ा), धारा 468(धोखाधड़ी के लिए फर्जीवाड़ा), 471 यानी दस्तावेजों की जालसाजी और इसके अलावा प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट 1988 की धारा 13 के तहत भी कार्रवाई की गई है. मानेसर के पुलिस उपायुक्त राजेश कुमार ने बताया कि हुड्डा, वाड्रा और स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राईवेट लिमिटेड और डीएलएफ और अन्य के खिलाफ  गुरुग्राम के खेडकी दौला पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है.