हिमाचल : 500 मरीजों का IGMC में होगा किडनी ट्रांसप्लांट

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इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC), शिमला हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) का सबसे बड़ा अस्पताल है. यहां सूबे भर से मरीज आते हैं. हाल ही में यहां पहली बार किडनी ट्रांसप्लांट (Kidney Transplant) किया गया. प्रदेश का यह ऐसा पहला अस्पताल है, जो 12 अगस्त से किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा से जुड़ा है.

  • 12 अगस्त को IGMC में दो किडनी ट्रांसप्लांट के सफल ऑपरेशन होने के बाद अब प्रदेश के मरीजों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा.
  • हिमाचल प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने मॉनसून सेशन के दौरान गुरुवार को सदन में वक्तव्य जारी कर कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से यह सुविधा अब IGMC में मिलेगी.
  • प्रदेश में 1200 के करीब मरीज गुर्दे की बीमारी से ग्रस्त है, जिनमें से 500 मरीजों को गुर्दा प्रत्यारोपण की जरूरत है.

दस मरीजों को मिलेगा पैसा

कैबिनेट मंत्री विपिन परमार ने कहा कि 10 मरीजों के गुर्दा प्रत्यारोपण का खर्च सीएम स्वास्थ्य राहत कोष से वहन किया जाएगा. आर्थिक रूप से कमजोर लोगों का खर्च सरकार उठाएगी. परमार ने कहा कि प्रदेश मरीजों को अब बाहरी राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा और आईजीएमसी में सुविधा मिलने से उन्हें कम परेशानी का सामना करना पड़ेगा.

12 अगस्त को किए गए थे दो ऑपरेशन
12 अगस्त को IGMC में दो किडनी ट्रांसप्लांट किए गए थे. यहां के डॉक्टरों ने एम्स में ट्रेनिंग ली थी. ऑपरेशन के दौरान एम्स के डॉक्टर भी मौजूद रहे थे. दो किडनी ट्रांसप्लांट में एक में मां अपने बेटे के लिए किडनी दी थी, तो दूसरे में पिता ने बेटी को किडनी डोनेट की. मंडी के 31 वर्षीय नरेश को उनकी 55 वर्षीय मां ने किडनी डोनेट की थी. पहला ऑपरेशन उन्हीं का हुआ. वहीं दूसरी ओर, रोहड़ू की 38 वर्षीय महिला को उनके 64 वर्षीय पिता ने किडनी दी थी.