इराक में 9 साल की बच्चियों की शादी के लिए बिल पेश

0
540
views

इराक में मुस्लिम लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र की सीमा समाप्त करने के लिए संसद में प्रस्ताव पेश किया गया है। इस प्रस्ताव की काफी आलोचना हो रही है और समझा जा रहा है कि इससे बच्चियों के रेप का लाइसेंस मिल जाएगा। कंजर्वेटिव शित्ते के प्रतिनिधियों ने 31 अक्टूबर को 1959 के कानून में संशोधन के साथ एक बिल पेश किया। इस कानून में लड़कियों की शादी की उम्र 18 साल है।

अब नए कानून के तहत शित्ते और सुन्नी समुदाय के धार्मिक नेताओं की सहमति पर किसी भी उम्र की लड़की की शादी हो पाएगी। लिबरल इंडिपेंडेंट सांसद फाइक अल-शेक ने कहा, ‘इसके कारण जजों को शित्ते और सुन्नी उलेमाओं की बात मानने के लिए बाध्य होना होगा।’ उन्होंने कहा कि इस्लाम ने 9 साल की लड़कियों की शादी की इजाजत है ठीक उसी उम्र में जब आयशा की पैगम्बर से शादी हुई थी।

इधर, संसद में पेश किए गए प्रस्ताव पर सोशल मीडिया पर आलोचनाओं की बाढ़ आ गई। पूर्व सैनिक हैदी अब्बास ने कहा, ‘यह कानून इस्लामिक स्टेट के लिए सही है जो बच्चों के रेप को कानूनी जामा पहनाता है।’ बसरा शहर के एक टीचर अली लफ्ता (40) ने कहा कि यह निर्दोष बच्चों की हत्या जैसा है।

इराक में मौजूद विदेशी मिशनों और संयुक्त राष्ट्र ने भी इसकी आलोचना की है और साथ ही महिलाओं तथा लड़कियों के खिलाफ भेदभाव को संस्थागत बनाने को लेकर आगाह किया है।