J&K : विधानसभा चुनाव करवाने को लेकर घाटी का दौरा करेगी EC की टीम

0
78
views

निर्वाचन आयोग ने जम्मू-कश्मीर में लोकसभा चुनाव कराने की घोषणा कर दी है. लेकिन विधानसभा चुनाव को लेकर अभी भी सस्पेंस बरकरार है. आयोग ने कहा कि विधानसभा चुनाव कराने के लिए उसने 3 सदस्यीय टीम जम्मू-कश्मीर भेजने का फैसला किया है. निर्वाचन आयोग मुख्यालय में मंगलवार को विशेष टीम के तीनों सदस्य मुलाकात करेंगे और आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे.

मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा के मुताबिक पूर्व आईएएस अधिकारी नूर मोहम्मद, पूर्व आईपीएस अधिकारी ए. एस. गिल और चुनाव आयोग के पूर्व अधिकारी विनोद जुत्शी को विशेष पर्यवेक्षक बनाकर जम्मू कश्मीर भेजा जा रहा है. ये तीनों राज्य के मौजूदा हालात और चुनाव की संभावनाओं पर अपनी रिपोर्ट देंगे.

आयोग के सूत्रों के मुताबिक लोकसभा चुनाव तो इसलिए भी कराए जा रहे हैं कि भंग विधान सभा के बाद राज्य में मुख्य धारा के साथ लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सीधा संदेश जाए. चूंकि राज्य में लोकसभा की 6 सीटें हैं लिहाजा उम्मीदवारों की तादाद भी ज्यादा नहीं होगी. विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार भी अधिक होंगे. रैलियां और सभाएं भी अधिक होंगी. लोगों का जमावड़ा भी ज्यादा होगा. गहमागहमी भी छोटी बड़ी सभी जगहों पर होगी. ऐसे में विधानसभा चुनाव एक साथ कराकर कई मोर्चे खोलना उचित नहीं होगा.

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने भी चुनावों का ऐलान करते हुए ये साफ कर दिया था कि जनप्रतिनिधित्व कानून के मुताबिक विधानसभा अगर कार्यकाल के बीच में ही भंग हो जाए तो पहले समुचित अवसर पर ही चुनाव करा देने चाहिए. लेकिन लोकसभा चुनावों के मद्देनजर आयोग ने जम्मू कश्मीर में स्थिति का जायजा लिया था. राज्य के दौरे के समय आयोग को ये बताया गया कि लोकसभा की सीटों के लिए चुनाव तो कराए जा सकते हैं, लेकिन विधानसभा के लिए माहौल उतना उपयुक्त नहीं है. लिहाजा निकट भविष्य में कितनी जल्दी वहां विधानसभा चुनाव कराए जा सकते हैं इसका जायजा और ब्योरा ये पर्यवेक्षक अपनी रिपोर्ट में देंगे.

गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने रविवार को बताया था कि लोकसभा चुनाव के साथ ही आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम में विधानसभा के चुनाव भी होंगे. लेकिन जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव की पार्टियों की मांग सुरक्षा कारणों से नहीं मानी गई है.