1000 टन सोने के खजाने की भविष्यवाणी करने वाले संत शोभन सरकार का निधन

0
186
views

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में डोंडिया खेड़ा इलाके में 1000 टन सोना होने की बात कह खुदवाई करवाने वाले बाबा शोभन सरकार का निधन हो गया.

बुधवार सुबह उनके निधन की खबर आने के बाद उनके भक्त शोक में डूब गए. भक्तों का शिवली इलाके के बैरी गांव में स्थित शोभन सरकार के आश्रम में तांता लगाना शुरू हो गया. लॉकडाउन को देखते हुए मौके पर स्थानीय पुलिस भी पहुंच गई है.

शोभन सरकार ने वर्ष 2013 में उन्नाव जिले के डौंडियाखेड़ा गांव में राजा राव रामवख्श के खंडहर हो चुके महल में 1000 टन सोने का भंडार होने का सपना देखने का दावा किया था. स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों ने महल पर कब्जा कर राजा राव रामबख्श को फांसी दे दी थी.

उन्होंने प्रदेश सरकार को जानकारी दी थी इस महल के भूगर्भ में हजारों टन सोना दबा है. इसके बाद एएसआई ने 18 अक्टूबर को राजा राव रामबख्श के खंडहर महल में खुदाई शुरू कराई. जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने एएसआई को 29 अक्टूबर को रिपोर्ट दी कि महल के नीचे सोना, चांदी या अन्य धातु दबी हो सकती है.

करीब एक महीने तक चली खुदाई का काम काम 19 नवंबर 2013 को पूरा हुआ. इस काम में प्रदेश सरकार के 2.78 लाख रुपये खर्च हो गए लेकिन सोना का भंडार न मिलने पर खुदाई को रोक दिया गया.

खजाने पर शुरू हो गई थी राजनीति

बता दें शोभन सरकार के सपने के आधार पर खजाने की खोज पर केंद्र व प्रदेश सरकार की खूब किरकिरी भी हुई थी. तत्कालीन विहिप के नेता अशोक सिंघल ने कहा था कि सिर्फ एक साधु के सपने के आधार पर खुदाई करना सही नहीं है.

खजाना मिलने से पहले ही इसके कई दावेदार भी सामने आ गए थे. राजा के वंशज ने भी उन्नाव में डेरा जमा दिया था. ग्रामीणों ने भी उस पर दावा किया था जिसके बाद तत्कालीन केंद्र सरकार की तरफ से कहा गया था कि खजाने पर सिर्फ देशवासियों का हक होगा. उधर तत्कालीन समाजवादी पार्टी की सरकार ने कहा था कि खजाने से निकली संपत्ति पर राज्‍य सरकार का हक होगा.