कौन होगा कर्नाटक का किंग ? राज्यपाल पर सभी की निगाहें

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कर्नाटक के विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है. इस चुनाव में बीजेपी 104 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. वहीं कांग्रेस ने जेडीएस को समर्थन देकर बहुमत का आंकड़ा जुटा लिया है. लेकिन अभी भी सरकार किसकी बनेगी यह साफ नहीं हुआ है. बीजेपी, कांग्रेस और जेडीएस लगातार सरकार बनाने को लेकर मोर्चेबंदी कर रही हैं. बीजेपी-कांग्रेस-जेडीएस अपने विधायकों के साथ बैठक करने में लगे हुए हैं.

बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार येदियुरप्पा ने बुधवार सुबह 10.30 बजे पार्टी विधायकों के साथ बैठक की. बैठक में येदियुरप्पा को बीजेपी विधायक दल का नेता चुन लिया गया. इसके बाद येदियुरप्पा ने राज्यपाल से मुलाकात की. राज्यपाल से मिलने के बाद येदियुरप्पा ने कहा कि हमने अपना सरकार बनाने का प्रस्ताव राज्यपाल के सामने रख दिया है. उन्होंने कहा है कि वह इस बारे में जल्द फैसला लेंगे.

जेडीएस ने भी अपने विधायक दल की बैठक की. पार्टी विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद जेडीएस के कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि उनके विधायकों को बीजेपी द्वारा 100 करोड़ और कैबिनेट में पद का ऑफर दिया गया है.

कुमारस्वामी ने कहा कि 2006 में उन्होंने बीजेपी के साथ जाकर गलती की थी. इससे मेरे पिता नाराज़ हुए थे. इसलिए मैं इस बार ऐसा नहीं करूंगा. उन्होंने कहा कि मेरे पास दोनों तरफ से ऑफर था, लेकिन मैंने बीजेपी के साथ ना जाने का फैसला किया है.

बताया जा रहा है कि बेंगलुरू के एक पांच सितारा होटल में हुई जेडीएस विधायक दल की बैठक में उसके दो विधायक नहीं पहुंचे हैं. इन दो विधायकों के नाम हैं – राजा वेंकटप्पा नायक और वेंकट राव नाडागौड़ा.

इसी तरह कांग्रेस विधायक दल की बैठक में भी 78 में से 66 विधायक ही पहुंचे हैं.  हालांकि कांग्रेस नेता एमबी पाटिल का कहना है कि कांग्रेस के सभी विधायक साथ हैं.  एमबी पाटिल के मुताबिक, बीजेपी के 6 विधायक कांग्रेस के संपर्क में हैं. कांग्रेस का दावा है कि उनके सभी 78 विधायक उनके साथ हैं, अभी तक 70 विधायकों के हस्ताक्षर करवाए जा चुके हैं.

इस चुनाव में 104 सीटों के साथ बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी लेकिन बहुमत से 8 सीट दूर. जबकि कांग्रेस को 78 सीटें मिली है, वो दूसरे नंबर की पार्टी बनी है. जबकि जेडीएस को सिर्फ 38 सीटें मिली हैं. कांग्रेस ने बिना शर्त जेडीएस को समर्थन दिया है. इसके साथ ही कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन के पास मैजिक नंबर है. अब सबकी निगाहें राज्यपाल पर है. देखना होगा कि वह सरकार बनाने का न्योता किसे देते हैं.