धारा 370 खत्म करने से कश्मीरी खुश, बोले- अब मिलेंगे समान अवसर

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जम्मू और कश्मीर से धारा 370 हटाए एक महीने से ज्यादा का वक्त हो गया है. घाटी में अब सब कुछ धीरे-धीरे बदल रहा है. हालात सामान्य हो रहे हैं. लोग अब नई उम्मीद में जिंदगी जी रहे हैं. सिख समुदाय के लोगों को लगता है कि उन्हें वो सभी अधिकार मिलेंगे जिससे अब तक वे वंचित थे. हालांकि आतंकी बौखलाए हुए हैं. इन्हीं आतंकियों के डर से सरकार के फैसले का जो समर्थन कर रहे हैं वे खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं. उन्हें आतंकी हमले का डर है.

 

हाल ही में गुज्जर बकेलवाल समुदाय के दो सदस्यों की आतंकियों ने हत्या कर दी थी. इसके अलावा आतंकियों ने एक दुकानदार की भी हत्या की थी. श्रीनगर के एक मुस्लिम ने कहा कि अलगाववादियों ने हमारे कश्मीर की संस्कृति को छीन लिया और इसे नकारात्मक नाम दिया. अब भारत के साथ कश्मीर पूरी तरह ठीक है. इस फैसले को एक न एक दिन तो लेना था. कई कश्मीरी अब राहत महसूस कर रहे हैं.

 

उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कार्यान्वयन ठीक से किया जाए और प्रोपेगेंडा करने वालों को किनारे किया जाए. धार्मिक अल्पसंख्यक सरकार के फैसले का स्वागत करते हैं, लेकिन आतंकी हमले के डर से वे रिकॉर्ड पर बोलना नहीं चाहते.

 

सिखों को अल्पसंख्यक का दर्जा

 

सिख अब अल्पसंख्यक अधिकारों के पात्र होंगे. उन्हें जम्मू-कश्मीर में राज्य अल्पसंख्यक आयोग की अनुपस्थिति में अस्वीकार कर दिया गया था. बारामूला के एक सिख नेता ने कहा कि अब हम भी अल्पसंख्यक अधिकार हासिल कर सकेंगे. इसके लिए हमने लंबी लड़ाई लड़ी. केंद्र और राज्य दोनों ने ही कश्मीर में सिखों को नजरअंदाज किया. हमने कभी भी पत्थर नहीं फेंके. हमने भारत के खिलाफ जंग की बात नहीं की. हम घाटी में ही रुके, लेकिन बदले में हमें कोई विशेष पैकेज नहीं मिला. आज हमारे युवा नौकरी के लिए संघर्ष करते हैं. सरकार को शिक्षा और मेरिट के हिसाब से नौकरी देनी चाहिए.