चुनाव आयोग से विपक्ष को बड़ा झटका- VVPAT मिलान में नहीं होगा कोई बदलाव

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23 मई को लोकसभा चुनाव के नतीजों के एक दिन पहले विपक्षी पार्टियों को चुनाव आयोग से बड़ा झटका लगा है. चुनाव आयोग ने वीवीपैट मिलान की उस मांग को ठुकरा दिया है, जिसमें 50 फीसदी पर्चियों के मिलान की बात कही जा रही थी.

चुनाव आयोग ने एक लंबे मंथन के बाद कहा है कि वीवीपैट पर्चियों की गिनती में कोई बदलाव नहीं होगा. जिस हिसाब से गिनती होनी थी, उसी हिसाब से होगी. बता दें कि विपक्ष की कई पार्टियों ने चुनाव आयोग से मांग की थी, वीवीपैट की पचास फीसदी पर्चियों का मिलान हो.

  • चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों को सख्ती से लागू करने की वजह से लोकसभा चुनाव नतीजे आने में देरी हो सकती है. दिशा-निर्देश के मुताबिक, एक चरण की मतगणना की पूरी प्रक्रिया खत्म होने का बाद ही दूसरे चरण की मतगणना शुरू होगी.
  • शुरुआत में चुनाव आयोग हर लोकसभा और विधानसभा क्षेत्र से केवल एक वीवीपैट के मतों का ही ईवीएम से मिलान करने को कह रहा था. हालांकि, विपक्षी पार्टियों की मांग थी कि कम से कम 50 फीसदी वीपीपैट मशीनों और ईवीएम के मतों का मिलान किया जाना चाहिए.
  • अगर चुनाव आयोग इन पार्टियों की गुजारिश मान लेता, तो औसतन उसे हर सीट पर 125 ईवीएम मशीनों के मतों का मिलान वीवीपैट मशीन के मतों से करना पड़ता.

हालांकि, जानकारों के मुताबिक अगर चुनाव आयोग पूरे देश को मिलाकर 750 से 1000 ईवीएम और वीवीपैट के मतों का मिलान कर देता है, तब भी इस व्यवस्था की सटीकता पर लोगों को विश्वास हो जाएगा.

अभी जिस प्रक्रिया का पालन किया जाना है, उससे लोकसभा के मामले में पूरे देश में करीब 2710 ईवीएम और वीवीपैट मशीनों के मतों का मिलान किया जाएगा.यह कुल ईवीएम और वीवीपैट मशीनों का 2 फीसदी होगा.