24 घंटे टला महाराष्ट्र पर सुप्रीम फैसला, बहुमत पर SC कल सुनाएगा फैसला

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सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस को सीएम और अजित पवार को डेप्युटी सीएम बनाने के खिलाफ कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना की याचिका पर मंगलवार को सुबह साढ़े 10 बजे फैसला सुनाया जाएगा. कोर्ट ने आज मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया है. बता दें कि शनिवार रात को तीनों दलों ने कोर्ट में याचिका दी थी. कोर्ट ने रविवार को भी इस मामले की सुनवाई की थी.

कोर्ट ने साफ किया कि वह कल सुबह साढ़े 10 बजे इस मामले में अपना आदेश जारी करेगा. पक्ष और विपक्ष ने इस मामले में अपने तर्क रखे. विधानसभा की जब बैठक होगी तो जिसकी संख्या ज्यादा होगी उसका ही स्पीकर होगा.

सीएम देवेंद्र फडणवीस के वकील ने कहा कि गवर्नर ने कई महीनों का वक्त नहीं दिया है.उन्होंने 30 नवंबर को फ्लोर टेस्ट कराने को कहा है.सुप्रीम कोर्ट राज्यपाल को 24 घंटे के भीतर फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश नहीं दे सकता.

आपके अनुसार हम फ्लोर टेस्ट हारने को तैयार हैं। तो फ्लोर टेस्ट तय समय पर होने दें: एनसीपी के वकील सिंघवी

जो नई चिट्ठी ये कोर्ट को दे रहे हैं, उसमें भी कई विधायकों के नाम पते नहीं है: गवर्नर के वकील तुषार मेहता

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अपनी दलीलों को याचिका कि मांगों तक सीमित रखिए.

सिंघवी ने कोर्ट में कहा कि मैं इन बातों पर जोर नहीं देना चाहता, मगर ये बातें अपने आप मे आधार हैं.फ्लोर टेस्ट आज ही हो जाना चाहिए.

सिंघवी ने कहा कि पुराने आदेशों की उपेक्षा नहीं हो सकती है. विधायकों की चिट्ठी एक धोखा है. जो चिट्ठी पर हस्ताक्षर थे वो अजित पवार को विधायक दल का नेता चुनने के लिए थे.

एनसीपी की तरफ से वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलीलें शुरू की. दोनों पक्ष फ्लोर टेस्ट को सही कह रहे हैं तो फिर इसमें देर क्यों?

सिब्बल ने दलील देते हुए कहा कि अब परिस्थितियां बदल गई हैं और अब 24 घंटे में फ्लोर टेस्ट हो. तत्काल फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया जाए. 24 घंटे के अंदर. सबसे सीनियर मेंबर प्रोटेम स्पीकर होता है, वीडियो रिकॉर्डिंग होती है। कोर्ट को आदेश देना चाहिए.

सिब्बल बोले, देश मे ऐसी क्या राष्ट्रीय विपदा आ गई थी कि सुबह 5 बजे राष्ट्रपति शासन हटा और 8 बजे मुख्यमंत्री की शपथ भी दिलवा दी गई.

मुकुल रोहतगी ने सिब्बल को टोकते हुए कहा कि आपने इसे चुनौती नहीं दी है.

सिब्बल ने दलील देते हुए कहा कि 22 नवंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई. ऐलान किया कि एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस मिलकर सरकार बना रही हैं. ये शाम को 7 बजे हुआ. सुबह 5 बजे तक राष्ट्रपति शासन हटाने का फैसला क्यों लिया गया?

शिवसेना की तरफ से कपिल सिब्बल ने जिरह शुरू की. उन्होंने पूरी बातों का जिक्र करना शुरू किया.

अजित पवार के वकील मनिंदर सिंह ने कोर्ट में कहा- मैं एनसीपी हूं. विधायक दल का नेता हूं। यही सही है. कोर्ट को आर्टिकल 32 के तहत इस याचिका को नहीं सुनना चाहिए। इन्हें हाई कोर्ट जाने को कहना चाहिए.

जस्टिस खन्ना ने 24 और 48 घंटे में फ्लोर टेस्ट के पुराने आदेश के बारे में संदर्भ याद दिलाया.

आपके आदेश का दूरगामी असर होगा। विस्तृत सुनवाई के बाद ही आदेश जारी करें. जो चिट्ठी राज्यपाल को दी गई वो कानूनी रूप से सही है: तुषार मेहता

राज्यपाल ने अपनी समझ के अनुसार समय तय किया है. अगर आप फ्लोर टेस्ट का समय तय करेंगे तो लगेगा आप राज्यपाल के ऊपर अपीलीय अधिकार इस्तेमाल कर रहे। विपक्ष को टूट का डर है इसलिए वे जल्दबाजी में हैं: तुषार मेहता

जस्टिस संजीव खन्ना ने पूछा कि क्या आज सीएम के पास बहुमत है? इसपर मुकुल रोहतगी ने कहा कि उन्हें पता नहीं शायद उनके बीच कुछ मनमुटाव है.

मुकुल रोहतगी ने बीजेपी और निर्दलीय विधायकों के तरफ से पेश होते हुए कहा कि अजित पवार ने कहा कि हमारा समर्थन आपके साथ है.

एक पवार उनके पास, एक हमारे पास: मुकुल रोहतगी.

वे लोग हॉर्स ट्रेडिंग कर रहे हैं, और हम पर आरोप लगा रहे हैं: मुकुल रोहतगी.

राजनीतिक पार्टी स्टैंड चेंज कर रहे हैं राज्यपाल कैसे समझे कि भविष्य में क्या हो. उनके फैसले पर संदेह नही किया जा सकता: मुकुल रोहतगी

राज्यपाल ऑफिस की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश तुषार मेहता ने दलील दी कि सबके मना करने के बाद राज्यपाल ने फैसला किया. अजित पवार की चिट्ठी की तारीख 22 नंवबर है। इस चिट्ठी में 54 हस्ताक्षर हैं।