विवादों में नया पासपोर्ट, लोगों के लिए बढ़ सकती हैं मुश्किलें

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केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया नया पासपोर्ट विवादों के घेरे में है.  पासपोर्ट के  रंग को लेकर शुरु हुआ विवाद अभी थमा भी नहीं है वहीं पासपोर्ट के अंतिम पन्ने पर घर का पता नहां लिखा होने के कारण भी इसे लेकर लोगों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं. सरकार ने निर्णय लिया है कि पासपोर्ट के अंतिम पेज पर आवेदक के घर का पता लिखा हुआ नहीं होगा.  साथ ही अंतिम पेज पर आवेदक के पिता, माता, पत्नी का नाम भी नहीं होगा. चाहे पासपोर्ट कार्यालय में कम्प्यूटरों पर उपरोक्त जानकारी उपलब्ध रहेगी लेकिन अंतिम पेज पर घर का पता नही लिखा होने के कारण इसे आवासीय प्रमाण के तौर पर कहीं भी पेश नहीं किया जा सकेगा.

जिन पासपोर्ट धारकों को ECR का स्टेट्स प्राप्त होगा उन्हें ऑरेंज रंग का पासपोर्ट जारी होगा जबकि नॉन ECR स्टेट्स वालों को नीले रंग का पासपोर्ट ही मिलेगा.  आप को बता दे कि केंद्रीय विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट संबंधी फैसला लेने के लिए 3 सदस्यीय कमेटी की सिफारिशों पर अमल किया है.  कमेटी के सदस्यों का मानना था कि विदेशों में जिस तरह से लोगों को पासपोर्ट जारी होते हैं वैसे ही पासपोर्ट भारत में विदेश मंत्रालय को जारी करने चाहिए. अभी पासपोर्ट कार्यालयों में नए पासपोर्ट नहीं आए हैं परन्तु जैसे ही पुराने पासपोर्टों का स्टाक खत्म होगा वैसे ही नए पासपोर्टों की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी. जिन लोगों के पास पुराने पासपोर्ट अभी कई वर्ष और चलने हैं वह पहले की तरह वैद्य माने जाएंगे.

सियासी हलकों में ऑरेंज रंग को लेकर सबसे ज्यादा बवाल पैदा हुआ है. ऑरेंज रंग चूंकि भाजपा के निशान के रंग से भी जुड़ा हुआ है इसीलिए इसे लेकर कांग्रेस में कई राजनीतिक हस्तियों ने सवाल उठाए हैं. चूंकि पासपोर्ट को अभी तक लोग सबसे महत्वपूर्ण आवास प्रमाण पत्र के तौर पर लोगों द्वारा प्रस्तुत किया जाता था परन्तु अब उन्हें इस सुविधा का लाभ नहीं मिल सकेगा। देश में अभी तक पासपोर्ट को ही सबसे प्रमुख प्रमाण के तौर पर लिया जा रहा था परन्तु अब इस पर रोक लग गई है क्योंकि जब पासपोर्ट के अंतिम पृष्ठ पर आवेदक का पता ही लिखा हुआ नहीं होगा तो फिर उसे किस तरह से प्रमाण के तौर पर लिया जा सकता है.