पंजाब: 2-3 साल से एक ही जगह पर तैनात अफसरों और कर्मियों का होगा ट्रांसफर!

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पंजाब पुलिस में अब कोई भी एसएसपी तबादले के बाद अपने चहेते एसएचओ या अन्य स्टाफ को अपने साथ नहीं ले जा सकेगा. क्योंकि पुलिस विभाग के उच्च अधिकारी अब विभाग में इस प्रथा को बंद करने का मन बना चुके है. इसके लिए पुलिस विभाग ने कांस्टेबल से इंस्पेक्टर रैंक तक के सभी कर्मचारी-अधिकारियों के लिए तबादला नीति बनानी शुरू कर दी है.

इसके तहत एक ही स्थान पर 2 से 3 साल तक तैनात रहने वालों का ट्रांसफर किया जाएगा.जो कांस्टेबल, हैड कांस्टेबल, एएसआई, सब इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर विभिन्न थानों में कई कई वर्षों से तैनात हैं उनकी डीजीपी कार्यालय ने लिस्ट मंगवा ली है.

उनका तबादला इंटर थानों के साथ पुलिस लाइंस में किया जा सकता है. वहीं, जो कर्मचारी-अधिकारी वर्षों से विभिन्न जिलों की पुलिस लाइंस में काम कर रहे हैं उन्हें किसी थाने में तैनाती व पोस्टिंग का मौका दिया जाएगा. वहीं, इंटेलिजेंस विंग भी विवादित जिला पुलिस अधिकारियों पर नजर रखेगा .

नई नीति के तहत अब राजनेता भी अपनी पसंद के पुलिस स्टाफ को अपने साथ या उनके पसंदीदा जिले में पोस्टिंग नहीं दिला सकेंगे। तबादलों में नेताओं की बढ़ती दखलंदाजी को रोकने के लिए पुलिस विभाग विशेष कदम उठाने जा रहा है। इसके लिए डिपार्टमेंट एक विशेष नीति पर काम कर रहा है, जिसे जल्द मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के समक्ष रखा जाएगा। उनकी अप्रूवल के बाद इसे लागू किया जाएगा।

नेताओं की ट्रांसफर में दखल अंदाजी का खमियाजा अन्य पुलिस अधिकारी व मुलाजिमों को उठाना पड़ता है. वे काबिल होते हुए भी किसी अच्छी जगह पोस्टिंग नहीं ले पाते हैं, यहां तक कि कभी-कभी तो सिनियोरिटी होने के बावजूद वे दखलअंदाजी के कारण पिछड़ जाते हैं और लंबे समय तक पुलिस लाइन जैसे जगहों पर काम करते रहते हैं.