पाकिस्तान को काले साये का डर, FATF बैठक से पहले सदस्य देशों के सामने रोया

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और पाकिस्तान के लिए आने वाले कुछ दिन बेहद ही चिंताजनक होने वाले हैं. बता दें कि पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट होने का डर सता रहा है. वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) प्लेनरी और वर्किंग ग्रुप की बैठक सोमवार से शुरू हो रही है. इस दौरान यह फैसला होगा कि क्या पाकिस्तान ने मनी-लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग को लेकर के अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ कदम उठाया है कि नहीं. ब्लैकलिस्ट होने से बचने के लिए पाकिस्तान सदस्य देशों तक पहुंचकर रो चुका है. पाकिस्तान का कहना है कि इससे उसकी अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचेगी, लेकिन अमेरिका और यूरोप के राजनयिकों के अनुसार ऐसा कुछ नहीं होने वाला है.

 

एफएटीएफ  ने जून 2018 में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में रखा था और एक साल की अवधि में उसे इससे निकलने के लिए आतंक के खिलाफ 27-पॉइंट एक्शन प्लान को लागू करने के निर्देश दिए थे. इसमें बैंकिंग और गैर-बैंकिंग क्षेत्राधिकार, पूंजी बाजार, कॉर्पोरेट और गैर-कॉर्पोरेट क्षेत्रों जैसे चार्टर्ड अकाउंटेंसी, वित्तीय सलाहकार सेवाओं, लागत और प्रबंधन लेखा फर्म के माध्यम से प्रतिबंधित संगठनों और गैर-सरकारी संस्थाओं, आभूषण और इसी तरह की संबंधित सेवाएं द्वारा मनी-लॉन्ड्रिंग और आतंक-वित्तपोषण के खिलाफ सुरक्षा उपाय शामिल हैं.

अब ऐसे में पाकिस्तान को डर है कि कहीं अब उसका आतंकी चेहरा सबके सामने ना आ जाए, और पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट ना कर दिया जाए.