पंजाब : अपनी मांगों को लेकर किसानों ने रेलवे ट्रैक किए जाम, यात्री परेशान

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जालंधर. पंजाब में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर किसानों का रेल रोको प्रदर्शन शुरू हो गया है. रेलवे के मुताबिक किसान राज्य के विभिन्न ट्रैकों पर बैठे हैं. पंजाब पुलिस के साथ-साथ रेलवे पुलिस भी प्रदर्शनकारियों पर नियंत्रण के लिए तैनात है.

  • प्रदर्शनकारियों ने 20 मेल, 12 पैसेंजर ट्रेनों को रोक दिया है
  • इन ट्रेनों को ब्यास-जालंधर, फिरोजपुर-लुधियाना, फिरोजपुर-फाजिल्का के बीच रोका गया है
  • इनमें लगभग 25 से 30 हजार यात्री सफर कर रहे हैं
  • फिरोजपुर रेलमंडल के डीआरएम राजेश अग्रवाल ने यात्रियों से संयम बरतने की अपील की है.
  • किसानों के प्रदर्शन के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है
  • अभी तक अंबाला पैसेंजर को रद कर दिया गया है, जबकि शान-ए-पंजाब को जालंधर ही रोक कर यहीं से उसे वापस दिल्ली के लिए रवाना किया गया.
  • इसी तरह शताब्दी को ब्यास में रोका गया है। यहीं से वापस उसे दिल्ली भेजा गया
  • इसके अलावा दिल्ली-पठानकोट एक्सप्रेस को जालंधर कैंट से होते हुए पठानकोट भेजा गया है.

किसानों के मुताबिक

किसानों का कहना है कि सरकार उनके साथ धक्का कर रही है। फसलों का पूरा पैसा नहीं दिया जा रहा है। गन्ने की फसल का भुगतान भी समय पर नहीं किया जा रहा है। किसान पराली जलाने के आरोप में किसानों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की भी मांग कर रहे हैं।

किसानों ने कहा कि सरकार से पराली न जलाने वाले किसानों को मुआवजा देने की मांग की थी, लेकिन अभी तक अधिकांश किसानों को यह मुआवजा राशि नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार को पराली न जलाने को लेकर मुआवजे की राशि पहले किसानों के बैंक खाते में तत्काल जमा करवानी चाहिए। पराली को खेत से इंडस्ट्री तक लेकर जाने का पूरा खर्च भी सरकार को उठाना चाहिए।

डीआरएम ने कहा, किसान संयम बरतें
उधर, डीआरएम राजेश अग्रवाल ने बताया कि किसानों के धरने के चलते 20 मेल ट्रेन और 12 पैसेंजर ट्रेनें प्रभावित हुई हैंं, इन्हें वहीं पर रोक दिया गया है जहां पर यह पहुंची थी। इनमें सवार 25 से 30 हजार पैसेंजर से अपील की है कि वे संयम बरतें और किसानों का धरना खत्म होने का इंतजार करें। उनकी तरफ से लगातार पुलिस प्रशासन के साथ संपर्क बनाया हुआ है, ताकि जल्द से जल्द किसानों का धरना खत्म हो। जैसे ही रेलवे को इस बारे में सूचना मिलती है तो ट्रेनों को उसी समय आगे के लिए बढ़ा दिया जाएगा, लेकिन इससे पहले यह देखा जाएगा कि धरना कब खत्म होता है। बहुत ज्यादा लेट होने की स्थिति ट्रेनें रद भी की जा सकती हैंं या फिर उन्हें वापस भी भेजा जा सकती हैंं।