वित्तीय संकट पर पंजाब सरकार का फैसला, सरकारी खर्च, विदेशी दौरों पर लगी रोक

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सरकारी खर्च में कमी लाने के लिए पंजाब सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं, अब राज्य में कोई भी सरकारी कार्यक्रम किसी भी फाइव स्टार होटल में नहीं होगा और ना ही किसी तरह के सेमिनार का आयोजन किया जाएगा, राज्य सरकार की ओर से एक नोटिफिकेशन जारी किया गया है, जिसमें नए आदेशों के बारे में सभी को जानकारी दी गई है

वित्तीय संकट के बीच सरकारी खजाने को बचाने के लिए ये फैसला लिया गया है, राज्य सरकार की ओर से इस आदेश के बारे में सभी मंत्रियों, अधिकारियों को जानकारी दे दी गई है, साथ ही ये भी बताया गया है कि इसका उल्लंघन करने पर उचित कार्रवाई की जाएगी, हालांकि कुछ विषयों पर अगर मामला फंसता है तो मुख्यमंत्री के साथ चर्चा कर उसपर किसी तरह का फैसला लिया जा सकता है

  • वित्तीय संकट पर पंजाब सरकार का अहम फैसला
  • मंत्रियों के एक से ज्यादा गाड़ी इस्तेमाल करने पर रोक लगी
  • सरकारी खर्च, विदेशी दौरा और सेमिनार पर भी लगी रोक

जनवरी के पहले हफ्ते में, राज्य में नए विकास कार्य शुरू करने और विभागों के खर्च में 20 फीसदी कटौती करने के आदेश जारी करने के बाद पंजाब सरकार ने अब सरकारी कांफ्रेंस, सेमिनार, वर्कशाप के आयोजन में किफायत बरतने, विदेशों में प्रदर्शनियां लगाने पर पूर्णता रोक लगाने के साथ-साथ फाइव स्टार अथवा महंगे होटलों में हर तरह के समारोहों के आयोजन, विदेशों में स्टडी टूर पर भी रोक लगा दी है

वित्त विभाग की ओर से राज्य के सभी विभाग प्रमुखों, डिवीजनों के कमिश्नरों, डीसी को भेजे पत्र में कहा गया है कि सरकार के वित्तीय साधनों के मद्देनजर वित्त विभाग द्वारा बजट उपबंध के खर्चों में किफायत बरतने की जरूरत महसूस की जा रही है, इसके तहत तय किया गया है कि राज्य में की जाने वाली कांफ्रेंस, सेमिनार, वर्कशाप करने संबंधी खर्च में पूरी किफायत बरती जाए, केवल वही कांफ्रेंस, सेमिनार, वर्कशाप ही कराई जाएं, जो बहुत जरूरी हों

विदेशों में प्रदर्शनियां लगाने पर पूरी पाबंदी लगाई गई है लेकिन व्यापार को बढ़ावा देने से संबंधी प्रदर्शनियां मुख्यमंत्री की अनुमति से ही लगाई जाएं। इसके अलावा, फाइव स्टार या इससे बड़े स्तर के होटलों में मीटिंग, कांफ्रेंस, वर्कशाप, सेमिनार आदि पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। अन्य राज्यों या विदेशों में सरकारी खर्च पर स्टडी टूर, कांफ्रेंस, वर्कशाप, सेमिनार पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है और केवल उसी स्थिति में अनुमति दी जाएगी, जब ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन स्पांसरशिप से किया जाएगा

सरकारी खर्च से यह कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे, पत्र में यह भी साफ कर दिया गया है कि उपरोक्त आदेश सरकारी व गैर सरकार संस्थानों, बोर्ड, पीएसयू, आयोग, सोसाइटियों पर भी लागू होंगे। विभागों के प्रबंधकीय सचिव, विभाग प्रमुख और दफ्तरों के इंचार्ज अपने-अपने विभाग के तहत आने वाले संस्थानों में उक्त आदेश का पालन कराने के लिए जिम्मेदार होंगे, लापरवाही बरतने वाले अधिकारी के खिलाफ पंजाब सिविल सेवा (सजा व अपील) 1970 के तहत सजा देने के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी