दलितों के समर्थन में अनशन पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी

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नई दिल्ली

दलितों पर अत्याचार के खिलाफ सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ता देशभर में एक दिन के अनशन पर बैठे.  उपवास के लिए राहुल गांधी भी राजघाट पहुंचे. हालांकि, उनसे पहले 1984 दंगों में आरोपी रहे जगदीश टाइटलर और सज्जन सिंह भी कार्यक्रम में पहुंच गए, लेकिन अजय माकन से बात करने के बाद दोनों नेता स्टेज छोड़कर चले गए.

उधर, भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस ने बाबा साहब और दलितों के साथ तुष्टीकरण की राजनीति की. कांग्रेस का यह उपवास दलितों का उपहास है. बता दें कि एससी/एसटी एक्ट में बदलाव और उसके बाद 2 अप्रैल को भारत बंद के दौरान हुई हिंसा को लेकर दलित संगठनों में आक्रोश है. राहुल ने इस बंद का समर्थन किया था.

5 बजे तक चलेगा कांग्रेस नेताओं का उपवास

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, राजघाट पर अनशन का वक्त सुबह 11 बजे तय किया गया. शीला दीक्षित, अजय माकन समेत कई नेताओं ने बापू की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित कर उपवास शुरू किया. हालांकि, राहुल गांधी दोपहर 1 बजे राजघाट पहुंचे. कांग्रेस नेताओं का उपवास शाम 5 बजे तक चलेगा.

‘मोदी सरकार में सद्भाव और भाईचारे पर खतरा’

रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ”मोदी सरकार में देश के सभी समाजों के बीच सद्भाव और भाईचारे पर खतरा है. वो समाज को बांटना चाहते हैं.  इसीलिए कांग्रेस का यह नैतिक कर्तव्य है कि ऐसी ताकतों के खिलाफ लड़ाई लड़े. इसी उद्देश्य से आज यहां जुटे हैं.

12 को भाजपा-एनडीए सांसदों का उपवास

राहुल गांधी और कांग्रेस का उपवास बीजेपी के उपवास से दो दिन पहले हो रहा है. ज्ञात हो कि बीजेपी के सभी सांसद 12 अप्रैल को उपवास रखेंगे. ये निर्देश ख़ुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से पार्टी सांसदों को दिया गया है. दरअसल मोदी संसद नहीं चलने देने के लिए विपक्ष और ख़ासतौर पर कांग्रेस को ज़िम्मेदार ठहराया है. बीते शुक्रवार को बीजेपी संसदीय दल की बैठक में उन्होने बीजेपी सांसदों से कहा कि वे कांग्रेस की विभेदकारी नीतियों के खिलाफ 12 तारीख़ को उपवास रखें. दलितों के मामले ने जिस तरह के तूल पकड़ा और भारत बंद के दौरान जो हिंसा हुई उसके पीछे बीजेपी विपक्ष को ज़िम्मेदार ठहरा रही है.